{"_id":"60b525e88ebc3e01963b6644","slug":"protest-of-asha-worker-bageshwar-news-hld4261606134","type":"story","status":"publish","title_hn":"देशव्यापी मांग दिवस को बागेश्वर की आशाओं का भी समर्थन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देशव्यापी मांग दिवस को बागेश्वर की आशाओं का भी समर्थन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। ऑल इंडिया स्कीम वर्कर्स के आह्वान पर देशभर में मनाए गए मांग दिवस को जिले की आशा कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन दिया। आशाओं ने कार्यक्षेत्र और घरों में तख्तियों पर विभिन्न मांगों को लिखकर प्रदर्शन किया। सरकार से आशा कार्यकर्ताओं की सभी समस्याओं का निदान जल्द करने की मांग की।
आशा कार्यकर्ता संगठन की जिलाध्यक्ष सीमा खान के नेतृत्व में जिला अस्पताल में आशाओं ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। अन्य कार्यकर्ताओं ने अपने कार्यक्षेत्र और घरों पर रहकर मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि आशाओं के पास पहले से ही कई अहम जिम्मेदारियां हैं, कोरोना काल में उनका कार्य अधिक बढ़ गया है।
आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के साथ सीमित संसाधनों के बावजूद कोरोना मरीजों की देखभाल और संक्रमण की रोकथाम के लिए पूरी निष्ठा से कर रही हैं। कहा कि कार्य और महंगाई बढ़ने के साथ खर्चा भी बढ़ता जा रहा है, इसके बावजूद सरकार उनके न्यूनतम वेतन की मांग के प्रति उदासीन है।
विज्ञापन
आशाओं ने न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये करने, कोविड ड्यूटी के दौरान सभी आशाओं का बीमा करवाने, नियमितीकरण की मांग को जल्द पूरा करने और कोविड भत्ता दिलाने की मांग की। इस मौके पर मंजू हरड़िया, मुन्नी देवी, पुष्पा देवी आदि रहे।
विज्ञापन
आशा कार्यकर्ता संगठन की जिलाध्यक्ष सीमा खान के नेतृत्व में जिला अस्पताल में आशाओं ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। अन्य कार्यकर्ताओं ने अपने कार्यक्षेत्र और घरों पर रहकर मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि आशाओं के पास पहले से ही कई अहम जिम्मेदारियां हैं, कोरोना काल में उनका कार्य अधिक बढ़ गया है।
विज्ञापन
आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के साथ सीमित संसाधनों के बावजूद कोरोना मरीजों की देखभाल और संक्रमण की रोकथाम के लिए पूरी निष्ठा से कर रही हैं। कहा कि कार्य और महंगाई बढ़ने के साथ खर्चा भी बढ़ता जा रहा है, इसके बावजूद सरकार उनके न्यूनतम वेतन की मांग के प्रति उदासीन है।
विज्ञापन
आशाओं ने न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये करने, कोविड ड्यूटी के दौरान सभी आशाओं का बीमा करवाने, नियमितीकरण की मांग को जल्द पूरा करने और कोविड भत्ता दिलाने की मांग की। इस मौके पर मंजू हरड़िया, मुन्नी देवी, पुष्पा देवी आदि रहे।