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Bageshwar News: बागनाथ धाम में प्रसाद योजना नहीं चढ़ सकी परवान, 49 करोड़ की लागत से होना था कायाकल्प

Wed, 28 Feb 2024 03:54 PM IST
हीरा मेहरा कालिका रावल, संवाद
कालिका रावल, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 28 Feb 2024 03:54 PM IST
सार

साल 2022 में बागनाथ धाम का चयन प्रसाद योजना के तहत हुआ था। इसके लिए केंद्र सरकार से 49 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। योजना के तहत बागनाथ धाम के सौंदर्यीकरण होना था लेकिन अब तक योजना परवान नहीं चढ़ी है।

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Prasad scheme could not take off in Bagnath Dham bageshwar
बागेश्वर का बागनाथ धाम परिसर

विस्तार

वर्ष 2022 में बागनाथ धाम का चयन प्रसाद योजना के तहत हुआ था। इसके लिए केंद्र सरकार से 49 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। योजना के तहत बागनाथ धाम के सौंदर्यीकरण के साथ ही सरयू और गोमती नदी के घाटों का सौंदर्यीकरण होना था लेकिन अब तक योजना परवान नहीं चढ़ी है।

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वर्ष 2022 में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री बागेश्वर के विधायक चंदन राम दास के प्रयासों से केंद्र सरकार ने बागेश्वर के विख्यात बागनाथ धाम का प्रसाद योजना के तहत चयन किया था। इसके लिए 49 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। योजना के बागनाथ मंदिर का रासायनिक उपचार होना है। योजना में सरयू और गोमती नदी के घाटों के सौंदर्यीकरण के साथ गोमती पुल से सरयू संगम तक दोनों तरफ आस्थापथ का निर्माण और लोनिवि आवासीय काॅलोनी को जोड़ने के लिए पैदल पुल का भी प्रस्ताव है।

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योजना के तहत बागनाथ मंदिर आसपास बने भवनों में पर्वतीय शैली के तहत एकरूपता लाने का प्रस्ताव शामिल है। केंद्रीय पर्यटन विभाग की टीम ने वर्ष 2023 की शुरूआत में मंदिर परिसर का जायजा लिया था। योजना के परवान चढ़ने का इंतजार है। 

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नागर शैली में बना है मंदिर
बागनाथ मंदिर को उत्तर भारत का एकमात्र दक्षिणमुखी प्राचीन शिव मंदिर माना जाता है। मंदिर का निर्माण वर्ष 1602 में चंद शासक लक्ष्मी चंद ने कराया था। इतिहासकारों में मंदिर के निर्माण को लेकर मत भिन्नता है। कुछ इतिहासकार मंदिर को सातवीं से नवीं सदी का बताते हैं। इस मंदिर के नागर शैली में बने होने का उल्लेख इतिहास में मिलता है। 

सड़क सौंदर्यीकरण, पार्किंग का भी प्रस्ताव
योजना के तहत सड़कों के सौंदर्यीकरण के साथ ही बहुमंजिली पार्किंग का भी प्रस्ताव था। सड़कों के किनारे लाइटिंग भी योजना के तहत प्रस्तावित है। 

बिजली और परंपरागत शवदाह की व्यवस्था
प्रसाद योजना के तहत बिजली के शवदाह गृह के साथ ही परंपरागत शवदाह का भी प्रावधान किया गया है। यानि कि परंपरागत शवदाह की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी।

प्रसाद योजना के तहत 49 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। योजना का काम शुरू कराने के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा। इस योजना से बागनाथ मंदिर भव्य स्वरूप में सामने आएगा।
-पार्वती दास, विधायक, बागेश्वर।

 

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