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Bageshwar News: वायरल और टायफायड की चपेट में पिंडर घाटी के गांव
Thu, 23 Feb 2023 11:19 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 23 Feb 2023 11:19 PM IST
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बागेश्वर के हिमालयी क्षेत्र से सटे खाती गांव के अस्पताल में मरीज को ग्लूकोज चढ़ाती स्वास्थ्य कर
बागेशवर। जिले की पिंडर घाटी के गांवों में इन दिनों वायरल और टायफायड का प्रकोप है। खाती, वाछम और खरकिया में सैकड़ों लोग बीमारी की चपेट में हैं। खाती के पीएचसी में रोजाना औसतन 32 लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। करीब 200 से अधिक लोग टायफायड से ग्रसित बताए जा रहे हैं। हालांकि अब तक 110 लोग ठीक भी हो चुके हैं।
हिमालय से सटे गांवों में करीब दो सप्ताह पूर्व वायरल की शुरुआत हुई थी। जांच में अधिकांश मरीजों में टाइफाइड के लक्षण दिखाई दिए। खाती में हंस फाउंडेशन की ओर से अनुबंध पर संचालित पीएचसी (टाइप वन) से लोगों को काफी राहत मिल रही है। कम गंभीर मरीजों का अस्पताल के चिकित्सक और फार्मासिस्ट वहीं इलाज कर रहे हैं। अधिक गंभीर लोगों को सीएचसी कपकोट रेफर किया जा रहा है।
हंस फाउंडेशन के कंसलटेंट एनबी अवस्थी ने बताया कि अस्पताल में सामान्य दिनों में औसतन 15 से 18 मरीज जांच कराने आते थे लेकिन इन दिनों यह संख्या काफी बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से अस्पताल में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं।
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मरीजों में बच्चों और किशोरों की संख्या अधिक
बागेश्वर। वायरल और टायफायड से ग्रसित लोगों में पांच साल से 12 साल के बच्चे और 18 साल तक के युवाओं की संख्या अधिक है। बच्चों की जांच के लिए अस्पताल के कर्मचारी गांव में शिविर भी लगा रहे हैँ। वाछम के दूरस्थ तोक जांतोली में शिविर लगाया जा चुका है। जल्द ही खरकिया में भी शिविर लगाने की तैयारी है। अधिक से अधिक लोगों को अस्पताल आकर जांच कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। संवाद
उपचार करते-करते फार्मासिस्ट बीमार
बागेश्वर। खाती के अस्पताल में मरीजों का इलाज करने के दौरान फार्मासिस्ट तरुण बिष्ट भी बीमार हो गए। मरीजों के बीच लगातार रहने के कारण उन्हें पहले बुखार और फिर टायफायड ने जकड़ लिया। हालात गंभीर होने पर उन्होंने जांच कराई और इलाज के लिए उन्हें भी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। करीब चार दिन तक अस्पताल में रहने के बाद अब उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। संवाद
खाती और वाछम गांव में फैले वायरल और टायफायड का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है। खाती में संचालित अस्पताल में विभाग की टीम ने टेस्ट किट, दवा आदि पहुंचाई हैं। डॉक्टरों को विभाग की ओर से लगातार दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं। जल्द ही क्षेत्र को बीमारी से मुक्त करा दिया जाएगा। - डॉ. हरीश पोखरिया, डिप्टी सीएमओ बागेश्वर।
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हिमालय से सटे गांवों में करीब दो सप्ताह पूर्व वायरल की शुरुआत हुई थी। जांच में अधिकांश मरीजों में टाइफाइड के लक्षण दिखाई दिए। खाती में हंस फाउंडेशन की ओर से अनुबंध पर संचालित पीएचसी (टाइप वन) से लोगों को काफी राहत मिल रही है। कम गंभीर मरीजों का अस्पताल के चिकित्सक और फार्मासिस्ट वहीं इलाज कर रहे हैं। अधिक गंभीर लोगों को सीएचसी कपकोट रेफर किया जा रहा है।
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हंस फाउंडेशन के कंसलटेंट एनबी अवस्थी ने बताया कि अस्पताल में सामान्य दिनों में औसतन 15 से 18 मरीज जांच कराने आते थे लेकिन इन दिनों यह संख्या काफी बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से अस्पताल में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं।
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मरीजों में बच्चों और किशोरों की संख्या अधिक
बागेश्वर। वायरल और टायफायड से ग्रसित लोगों में पांच साल से 12 साल के बच्चे और 18 साल तक के युवाओं की संख्या अधिक है। बच्चों की जांच के लिए अस्पताल के कर्मचारी गांव में शिविर भी लगा रहे हैँ। वाछम के दूरस्थ तोक जांतोली में शिविर लगाया जा चुका है। जल्द ही खरकिया में भी शिविर लगाने की तैयारी है। अधिक से अधिक लोगों को अस्पताल आकर जांच कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। संवाद
उपचार करते-करते फार्मासिस्ट बीमार
बागेश्वर। खाती के अस्पताल में मरीजों का इलाज करने के दौरान फार्मासिस्ट तरुण बिष्ट भी बीमार हो गए। मरीजों के बीच लगातार रहने के कारण उन्हें पहले बुखार और फिर टायफायड ने जकड़ लिया। हालात गंभीर होने पर उन्होंने जांच कराई और इलाज के लिए उन्हें भी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। करीब चार दिन तक अस्पताल में रहने के बाद अब उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। संवाद
खाती और वाछम गांव में फैले वायरल और टायफायड का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है। खाती में संचालित अस्पताल में विभाग की टीम ने टेस्ट किट, दवा आदि पहुंचाई हैं। डॉक्टरों को विभाग की ओर से लगातार दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं। जल्द ही क्षेत्र को बीमारी से मुक्त करा दिया जाएगा। - डॉ. हरीश पोखरिया, डिप्टी सीएमओ बागेश्वर।