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Bageshwar News: कपकोट में आने लगे डायरिया, उल्टी-दस्त के मामले
Fri, 12 Jul 2024 11:22 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Fri, 12 Jul 2024 11:22 PM IST
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कपकोट (बागेश्वर)। कपकोट में डायरिया, उल्टी-दस्त़ के मामले सामने आने लगे हैं। हर दिन बड़ी संख्या में मरीज सीएचसी पहुंच रहे हैं।
शुक्रवार को भी सुबह से ही लोगों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर तक अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी रही। बदलते मौसम के बीच बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। उल्टी-दस्त के साथ ही बुखार, खांसी के मामले सामने आ रहे हैं। कपकोट सीएचसी पर पिथौरागढ़ जिले की सीमा से सटे इलाकों के साथ ही हिमालय की तलहटी पर बसे गांवों के लोगों की स्वास्थ्य देखभाल का जिम्मा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतीक ने बताया कि डायरिया के मामले अधिक नहीं हैं। लोगों को बरसात का सीजन देखते हुए एहतियात बरतना चाहिए। उन्होंने बताया कि बासी भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
दो दिन में कुत्ते, बंदरों ने सात लोगों को काटा
कपकोट। कपकोट में बंदर और लावारिस कुत्तों के काटने के मामले बढ़ रहे हैं। दो दिन में सात लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंच चुके हैं। फार्मासिस्ट प्रकाश गिरि ने बताया कि बृहस्पतिवार को कुत्ते, बंदर के काटने से पीड़ित पांच लोग अस्पताल पहुंचे थे। शुक्रवार को दो मामले सामने आए। उन्होंने बताया कि अस्पताल में रैबीज के इंजेक्शन उपलब्ध हैं।
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शुक्रवार को भी सुबह से ही लोगों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर तक अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी रही। बदलते मौसम के बीच बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। उल्टी-दस्त के साथ ही बुखार, खांसी के मामले सामने आ रहे हैं। कपकोट सीएचसी पर पिथौरागढ़ जिले की सीमा से सटे इलाकों के साथ ही हिमालय की तलहटी पर बसे गांवों के लोगों की स्वास्थ्य देखभाल का जिम्मा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतीक ने बताया कि डायरिया के मामले अधिक नहीं हैं। लोगों को बरसात का सीजन देखते हुए एहतियात बरतना चाहिए। उन्होंने बताया कि बासी भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
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दो दिन में कुत्ते, बंदरों ने सात लोगों को काटा
कपकोट। कपकोट में बंदर और लावारिस कुत्तों के काटने के मामले बढ़ रहे हैं। दो दिन में सात लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंच चुके हैं। फार्मासिस्ट प्रकाश गिरि ने बताया कि बृहस्पतिवार को कुत्ते, बंदर के काटने से पीड़ित पांच लोग अस्पताल पहुंचे थे। शुक्रवार को दो मामले सामने आए। उन्होंने बताया कि अस्पताल में रैबीज के इंजेक्शन उपलब्ध हैं।
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