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Bageshwar News: टिन को रोकने के लिए लकड़ियों का सहारा
Mon, 18 Nov 2024 11:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 18 Nov 2024 11:44 PM IST
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काफलीगैर (बागेश्वर)। राजकीय प्राथमिक विद्यालय पाना के जर्जर भवन में विद्यार्थियों का भविष्य तैयार किया जा रहा है। टपकती छत के नीचे छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए मजबूर हैं। कक्षाओं की छत में लगाई गई टिन को सहारा देने के लिए लगी लकड़ियों में जगह-जगह दरारें आ गई हैं। बरामदे में चीड़ की लकड़ी लगाकर छत को गिरने से बचाया जा रहा है।
वर्ष 1972 में विद्यालय की स्थापना होने के बाद वर्ष 1976 में राप्रावि पाना के भवन का निर्माण किया गया। जिसके बाद से अब तक भवन में मरम्मत का कार्य नहीं किया गया है। विद्यालय में तीन कक्ष बनाए गए हैं, तीनों कक्षों में जल रिसाव की समस्या बनी हुई है। पुस्तकालय कक्ष में जल रिसाव होने के कारण किताबें और स्मार्ट टीवी खराब हो रही है। वहीं तेज बारिश के दौरान विद्यार्थियों को घर भेजना पड़ रहा है। वर्तमान में विद्यालय में छह विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। जिनके लिए एक भी स्थायी शिक्षक की तैनाती नहीं की गई है। व्यवस्था के तौर पर प्राथमिक विद्यालय हन्योली की शिक्षिका गंगा देवी विद्यार्थियों को पढ़ा रही हैं। अमूमन देखा जाता है कि निजी विद्यालयों की महंगी फीस वहन न कर पाने वाले परिवार ही अपने बच्चों का दाखिला सरकारी विद्यालयों में करवा रहे हैं। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को सस्ती दरों में शिक्षा दी जाती है, लेकिन प्रावि पाना विद्यालय के जर्जर भवन और शिक्षक विहीनता में विद्यार्थियों को शिक्षा दी जा रही है। ग्राम प्रधान गोपाल सिंह मेहता ने बताया कि प्रशासन और शिक्षा विभाग को समस्या के बारे में बताया जा चुका है। ज्ञापन भी सौंपे गए हैं। जनता दरबार में कई बार समस्या उठाने के बाद भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
विद्यालय के भवन की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद विद्यालय के भवन की मरम्मत या पुननिर्माण की कार्रवाई की जाएगी।
विनय कुमार, जिला शिक्षाधिकारी बेसिक, बागेश्वर
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वर्ष 1972 में विद्यालय की स्थापना होने के बाद वर्ष 1976 में राप्रावि पाना के भवन का निर्माण किया गया। जिसके बाद से अब तक भवन में मरम्मत का कार्य नहीं किया गया है। विद्यालय में तीन कक्ष बनाए गए हैं, तीनों कक्षों में जल रिसाव की समस्या बनी हुई है। पुस्तकालय कक्ष में जल रिसाव होने के कारण किताबें और स्मार्ट टीवी खराब हो रही है। वहीं तेज बारिश के दौरान विद्यार्थियों को घर भेजना पड़ रहा है। वर्तमान में विद्यालय में छह विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। जिनके लिए एक भी स्थायी शिक्षक की तैनाती नहीं की गई है। व्यवस्था के तौर पर प्राथमिक विद्यालय हन्योली की शिक्षिका गंगा देवी विद्यार्थियों को पढ़ा रही हैं। अमूमन देखा जाता है कि निजी विद्यालयों की महंगी फीस वहन न कर पाने वाले परिवार ही अपने बच्चों का दाखिला सरकारी विद्यालयों में करवा रहे हैं। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को सस्ती दरों में शिक्षा दी जाती है, लेकिन प्रावि पाना विद्यालय के जर्जर भवन और शिक्षक विहीनता में विद्यार्थियों को शिक्षा दी जा रही है। ग्राम प्रधान गोपाल सिंह मेहता ने बताया कि प्रशासन और शिक्षा विभाग को समस्या के बारे में बताया जा चुका है। ज्ञापन भी सौंपे गए हैं। जनता दरबार में कई बार समस्या उठाने के बाद भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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विद्यालय के भवन की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद विद्यालय के भवन की मरम्मत या पुननिर्माण की कार्रवाई की जाएगी।
विनय कुमार, जिला शिक्षाधिकारी बेसिक, बागेश्वर