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Bageshwar News: गर्मियों में पेयजल संकट दूर करने के लिए जल संस्थान ने कसी कमर
Wed, 28 Feb 2024 12:45 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 28 Feb 2024 12:45 AM IST
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बागेश्वर। हर साल गर्मी आते ही जिले में पेयजल संकट गहराने लगता है। नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति कम हो जाती है और लोग परेशान होते हैं। इस साल जल संस्थान ने पेयजल संकट दूर करने के लिए रणनीति तैयार कर ली है। विभाग ने पेयजल किल्लत वाले संभावित क्षेत्रों को चयनित किया है। यहां वैकल्पिक माध्यमों से पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
बागेश्वर और कपकोट नगर के अलावा 18 प्रमुख ग्रामीण पेयजल योजनाओं की जिम्मेदारी जल संस्थान के पास है। इन योजनाओं से करीब 20,000 उपभोक्ताओं को पेयजल कनेक्शन मिले हैं। गर्मी के दिनों में नगरवासी और ग्रामीणों को स्रोतों का जलस्तर कम होने से पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। इस बार सर्दियों में कम बारिश के कारण अधिकतर स्रोतों में पानी की कमी होने लगी है। गर्मियों में पेयजल संकट गहराने के आसार बन रहे हैं। लोगों को पेयजल किल्लत से निजात दिलाने के लिए विभाग ने प्रभावित होने वाले क्षेत्रों का चयन कर लिया है। नगरीय क्षेत्र में बागेश्वर के सात और कपकोट के चार वार्डों से 13 मोहल्लों को संभावित पेयजल संकट वाले क्षेत्र के रूप में चयनित किया गया है जबकि ग्रामीण इलाकों के 30 राजस्व गांवों को इस श्रेणी में चुना गया है।
चयनित क्षेत्रों में स्रोतों का जलस्तर गिरने से पेयजल किल्लत होने की संभावना है। विभाग चयनित वार्ड और गांवों में टैंकर की मदद से और रोस्टिंग के आधार पर पेयजल आपूर्तिकरेगा। ग्रामीण इलाकों में जरूरत पड़ी तो खच्चर की मदद से पेयजल मुहैया कराने का प्लान भी तैयार किया गया है।- सीएस देवड़ी, ईई जल संस्थान बागेश्वर।
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बागेश्वर और कपकोट नगर के अलावा 18 प्रमुख ग्रामीण पेयजल योजनाओं की जिम्मेदारी जल संस्थान के पास है। इन योजनाओं से करीब 20,000 उपभोक्ताओं को पेयजल कनेक्शन मिले हैं। गर्मी के दिनों में नगरवासी और ग्रामीणों को स्रोतों का जलस्तर कम होने से पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। इस बार सर्दियों में कम बारिश के कारण अधिकतर स्रोतों में पानी की कमी होने लगी है। गर्मियों में पेयजल संकट गहराने के आसार बन रहे हैं। लोगों को पेयजल किल्लत से निजात दिलाने के लिए विभाग ने प्रभावित होने वाले क्षेत्रों का चयन कर लिया है। नगरीय क्षेत्र में बागेश्वर के सात और कपकोट के चार वार्डों से 13 मोहल्लों को संभावित पेयजल संकट वाले क्षेत्र के रूप में चयनित किया गया है जबकि ग्रामीण इलाकों के 30 राजस्व गांवों को इस श्रेणी में चुना गया है।
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चयनित क्षेत्रों में स्रोतों का जलस्तर गिरने से पेयजल किल्लत होने की संभावना है। विभाग चयनित वार्ड और गांवों में टैंकर की मदद से और रोस्टिंग के आधार पर पेयजल आपूर्तिकरेगा। ग्रामीण इलाकों में जरूरत पड़ी तो खच्चर की मदद से पेयजल मुहैया कराने का प्लान भी तैयार किया गया है।- सीएस देवड़ी, ईई जल संस्थान बागेश्वर।
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