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Bageshwar News: टपक रही अस्पताल की छत, एसी के साथ ओटी संचालन ठप
Tue, 12 Sep 2023 11:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 12 Sep 2023 11:41 PM IST
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अल्मोड़ा। करोड़ों से खोले गए मेडिकल कॉलेज में ओटी का संचालन शुरू नहीं हो सका है। छत से पानी टपक रहा है और एसी के काम नहीं करने से ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते मरीजों को हायर सेंटर की दौड़ लगानी पड़ रही है। कॉलेज प्रबंधन मरीजों को हल्द्वानी और बरेली रेफर कर रहा है।
बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के दावे कर अल्मोड़ा में 450 करोड़ रुपये से मेडिकल कॉलेज खोला गया। संचालन के दो साल बाद भी यहां ओटी का संचालन शुरू नहीं हो सका है। मेडिकल कॉलेज में आंख, हड्डी, पेट, समेत अन्य ऑपरेशन के लिए छह ओटी स्थापित हैं। कक्ष में छत से पानी टपकने और यहां स्थापित एसी के काम न करने से इनका संचालन ठप है। करोड़ों की मशीनरी जंक खा रही है और मरीजों को ऑपरेशन के लिए हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। संचालन के बगैर कई मशीनों की वारंटी भी समाप्त हो चुकी है। यहां हर रोज ऑपरेशन की जरूरत वाले चार से पांच मरीज पहुंचते हैं। उन्हें हायर सेंटर की दौड़ लगानी पड़ रही है। संवाद
पानी के टैंक का भी नहीं हस्तांतरण
अल्मोड़ा। ओटी में एसी की दिक्कतें दूर होने के बाद ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ेगा। जल संस्थान ने अभी तक कॉलेज को 15 लाख लीटर क्षमता के मुख्य टैंक का हस्तारण नहीं किया है। जलापूर्ति सुचारू नहीं होने से भी ओटी के संचालन में दिक्कत आ सकती है।
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डीएम ने किया ओटी का निरीक्षण
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में ओटी के संचालन की लगातार उठ रही मांग को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को डीएम विनीत तोमर ने निरीक्षण किया। उन्होंने प्राचार्य डॉ. सीपी भैंसोड़ा को एसी सहित छत टपकने की दिक्कत को दूर कर एक सप्ताह के भीतर ओटी संचालन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में लंबे समय बाद भी ओटी का संचालन नहीं होना गंभीर है। उन्होंने फॉल सीलिंग, भवन की छत के ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं को जल्द सुधारने के लिए कहा।
केस एक
लमगड़ा से आंख का ऑपरेशन कराने पहुंचे किशन सिंह ने बताया कि चिकित्सकों ने उन्हें ओटी संचालित न होने का हवाला देकर अन्य अस्पताल जाने की सलाह दी है। ऐसे में उन्हें अब अन्य अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ेगी।
केस दो
पैर की हड्डी टूटने से दर्द से कराहते हुए मेडिकल कॉलेज पहुंचे भवन बिष्ट ने बताया कि बेहतर इलाज की उम्मीद में यहां पहुंचे। उन्हें ऑपरेशन के लिए सुशीला तिवारी चिकित्सालय रेफर किया गया है।
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बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के दावे कर अल्मोड़ा में 450 करोड़ रुपये से मेडिकल कॉलेज खोला गया। संचालन के दो साल बाद भी यहां ओटी का संचालन शुरू नहीं हो सका है। मेडिकल कॉलेज में आंख, हड्डी, पेट, समेत अन्य ऑपरेशन के लिए छह ओटी स्थापित हैं। कक्ष में छत से पानी टपकने और यहां स्थापित एसी के काम न करने से इनका संचालन ठप है। करोड़ों की मशीनरी जंक खा रही है और मरीजों को ऑपरेशन के लिए हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। संचालन के बगैर कई मशीनों की वारंटी भी समाप्त हो चुकी है। यहां हर रोज ऑपरेशन की जरूरत वाले चार से पांच मरीज पहुंचते हैं। उन्हें हायर सेंटर की दौड़ लगानी पड़ रही है। संवाद
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पानी के टैंक का भी नहीं हस्तांतरण
अल्मोड़ा। ओटी में एसी की दिक्कतें दूर होने के बाद ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ेगा। जल संस्थान ने अभी तक कॉलेज को 15 लाख लीटर क्षमता के मुख्य टैंक का हस्तारण नहीं किया है। जलापूर्ति सुचारू नहीं होने से भी ओटी के संचालन में दिक्कत आ सकती है।
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डीएम ने किया ओटी का निरीक्षण
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में ओटी के संचालन की लगातार उठ रही मांग को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को डीएम विनीत तोमर ने निरीक्षण किया। उन्होंने प्राचार्य डॉ. सीपी भैंसोड़ा को एसी सहित छत टपकने की दिक्कत को दूर कर एक सप्ताह के भीतर ओटी संचालन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में लंबे समय बाद भी ओटी का संचालन नहीं होना गंभीर है। उन्होंने फॉल सीलिंग, भवन की छत के ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं को जल्द सुधारने के लिए कहा।
केस एक
लमगड़ा से आंख का ऑपरेशन कराने पहुंचे किशन सिंह ने बताया कि चिकित्सकों ने उन्हें ओटी संचालित न होने का हवाला देकर अन्य अस्पताल जाने की सलाह दी है। ऐसे में उन्हें अब अन्य अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ेगी।
केस दो
पैर की हड्डी टूटने से दर्द से कराहते हुए मेडिकल कॉलेज पहुंचे भवन बिष्ट ने बताया कि बेहतर इलाज की उम्मीद में यहां पहुंचे। उन्हें ऑपरेशन के लिए सुशीला तिवारी चिकित्सालय रेफर किया गया है।