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Bageshwar News: आपदा प्रबंधन में नाकाम रहने का आरोप ‘आपदा प्रबंधन नहीं, बूथ प्रबंधन के लिए आए मंत्री
Tue, 25 Jul 2023 12:29 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 25 Jul 2023 12:29 AM IST
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बागेश्वर। कांग्रेस के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने सरकार और प्रशासन पर आपदा प्रबंधन में नाकाम रहने का आरोप लगाया है।
सोमवार को जिला मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में पीसीसी सदस्य ऐठानी ने कहा कि प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा के हालिया भ्रमण कार्यक्रम से उम्मीद थी लेकिन उनके कार्यक्रमों को देखकर लगा कि वह आपदा का प्रबंधन करने की जगह भाजपा के बूथों का प्रबंधन करने पहुंचे थे। प्रभारी मंत्री ने आपदा प्रबंधन की बैठक ली। बैठक में भाजपा नेताओं को छोड़कर किसी भी चुने हुए प्रतिनिधि, पूर्व प्रतिनिधियों को नहीं बुलाया गया। आपदा से प्रभावित लोगों के लिए कोई काम नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कपकोट में सबसे अधिक मकान क्षतिग्रस्त हैं लेकिन प्रभावितों तक आपदा सहायता राशि नहीं पहुंची है। 2014 में बने नौ बैली ब्रिज खतरे की जद में हैं। वार्ता में कपकोट के नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद बिष्ट, जिपं सदस्य सुरेश खेतवाल, राजेंद्र टंगड़िया आदि थे।
कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कांडा के सकन्यूड़ा के आपदा प्रभावितों को मदद नहीं मिलने को अन्याय बताया है। कहा कि गांव में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए लेकिन मुआवजा तक नहीं मिला है। संवाद
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सोमवार को जिला मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में पीसीसी सदस्य ऐठानी ने कहा कि प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा के हालिया भ्रमण कार्यक्रम से उम्मीद थी लेकिन उनके कार्यक्रमों को देखकर लगा कि वह आपदा का प्रबंधन करने की जगह भाजपा के बूथों का प्रबंधन करने पहुंचे थे। प्रभारी मंत्री ने आपदा प्रबंधन की बैठक ली। बैठक में भाजपा नेताओं को छोड़कर किसी भी चुने हुए प्रतिनिधि, पूर्व प्रतिनिधियों को नहीं बुलाया गया। आपदा से प्रभावित लोगों के लिए कोई काम नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कपकोट में सबसे अधिक मकान क्षतिग्रस्त हैं लेकिन प्रभावितों तक आपदा सहायता राशि नहीं पहुंची है। 2014 में बने नौ बैली ब्रिज खतरे की जद में हैं। वार्ता में कपकोट के नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद बिष्ट, जिपं सदस्य सुरेश खेतवाल, राजेंद्र टंगड़िया आदि थे।
कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कांडा के सकन्यूड़ा के आपदा प्रभावितों को मदद नहीं मिलने को अन्याय बताया है। कहा कि गांव में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए लेकिन मुआवजा तक नहीं मिला है। संवाद
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