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बिना प्रतिस्थानी के ट्रांसफर करने से कई स्कूल बंद होने की कगार पर
Updated Sun, 02 Apr 2017 11:05 PM IST
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डीएम को ज्ञापन सौंपते जिला पंचायत सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के कपकोट क्षेत्र के स्कूलों में तैनात कई शिक्षकों का बिना प्रतिस्थानी के तबादला कर दिया गया। इससे कई स्कूल बंद होने की हालत में पहुंच गए हैं। अभिभावकों ने ट्रांसफर किए गए शिक्षकों को बिना प्रतिस्थानी के रिलीव नहीं करने और रिलीव हो चुके शिक्षकों के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल को सौंपे ज्ञापन में जिला पंचायत सदस्य गोविंद दानू ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में कपकोट के स्कूलों से 18 शिक्षकों का स्थानांतरण कर दिया गया। इनमें से बिना प्रतिस्थानी के एक दर्जन शिक्षक रिलीव किए जा चुके हैं, जबकि आधा दर्जन शिक्षकों को रिलीव करने की तैयारी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों का यदि इसी तरह से तबादला किया तो दुर्गम क्षेत्र के स्कूल शिक्षकों की कमी के कारण बंद हो जाएंगे।
कहा कि गेस्ट टीचरों का अनुबंध समाप्त होने से भी 157 प्रवक्ता संवर्ग में और 103 एलटी शिक्षकों के पद खाली हो गए हैं। उन्होंने शिक्षकों की कमी के बावजूद बिना प्रतिस्थानी के तबादले करने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने बिना प्रतिस्थानी के शिक्षकों को रिलीव नहीं करने और खाली पदों पर वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग उठाई। कहा कि यदि शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरे गए तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी। ब्यूरो
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जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल को सौंपे ज्ञापन में जिला पंचायत सदस्य गोविंद दानू ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में कपकोट के स्कूलों से 18 शिक्षकों का स्थानांतरण कर दिया गया। इनमें से बिना प्रतिस्थानी के एक दर्जन शिक्षक रिलीव किए जा चुके हैं, जबकि आधा दर्जन शिक्षकों को रिलीव करने की तैयारी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों का यदि इसी तरह से तबादला किया तो दुर्गम क्षेत्र के स्कूल शिक्षकों की कमी के कारण बंद हो जाएंगे।
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कहा कि गेस्ट टीचरों का अनुबंध समाप्त होने से भी 157 प्रवक्ता संवर्ग में और 103 एलटी शिक्षकों के पद खाली हो गए हैं। उन्होंने शिक्षकों की कमी के बावजूद बिना प्रतिस्थानी के तबादले करने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने बिना प्रतिस्थानी के शिक्षकों को रिलीव नहीं करने और खाली पदों पर वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग उठाई। कहा कि यदि शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरे गए तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी। ब्यूरो
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