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Bageshwar News: पांच किमी खड़ी चढ़ाई में डोली में लाने पड़ रहे मरीज
Wed, 01 Mar 2023 11:16 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 01 Mar 2023 11:16 PM IST
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बागेश्वर। राज्य बनने के 23 साल और जिला बनने के 26 साल बाद भी जिले के कई क्षेत्रों के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। जिले कई इलाके यातायात सुविधा से वंचित हैं। सड़क तक आने के लिए लोगों को कई किमी पैदल चलना पड़ रहा है। सड़क विहीन इलाके में यदि कोई बीमार हो जाए तो मरीज डोली से अस्पताल पहुंचाए जा रहे हैं।
ऐसा ही एक गांव है ग्राम पंचायत लीती (कपकोट) का हवेलियां भैड़ी तोक। सड़क से पांच किमी दूर बसे इस गांव में दो दिन पहले भी ग्रामीणों की लाचारी चिंता का कारण बनी। लीती के हवेलियां भैड़ी तोक निवासी हरपाल सिंह (71) की तबीयत दो दिन पहले बिगड़ गई। उनको सांस लेने में काफी तकलीफ होने लगी थी। परिजनों ने गांव के अन्य लोगों को सूचना दी। गांव के लोग तुरंत हरपाल के घर पहुंच गए लेकिन पांच किमी की खड़ी चढ़ाई में बुजुर्ग को ले जाने की चुनौती आ गई। आनन-फानन वैकल्पिक डोली तैयार की गई।
गांव के महेश कोरंगा, नंदन सिंह कोरंगा, सुंदर सिंह कोरंगा, राम सिंह कोरंगा, दान सिंह कोरंगा, हीरा सिंह कोरंगा, प्रताप सिंह कोरंगा आदि बुजुर्ग को डोली में बिठाकर सड़क की ओर चल पड़े। करीब तीन घंटे में यह लोग पांच किमी की चढ़ाई चढ़कर लीती पहुंचे। वहां से वाहन से बुजुर्ग को सीएचसी कपकोट ले जाया गया। महिला मंगल दल लीती की अध्यक्ष धना कोरंगा ने बताया कि हवेलियां भेड़ी तोक तक सड़क पहुंचाने की मांग की है।
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डोली तक नसीब नहीं
बागेश्वर। सड़क विहीन इलाकों की समस्या से सरकार भी अनभिज्ञ नहीं है। वर्ष 2014-15 में सरकार ने डोली योजना चलाई थी। इसके तहत गांवों को डोलियां उपलब्ध कराई गई ताकी बीमार, असहाय लोगों को डोली से सड़क तक लाया जा सके लेकिन ताज्जुब की बात है कि लीती के हवेलियां भैड़ी गांव के लोगों के पास डोली भी नहीं है। गांव के लोगों ने बीमार बुजुर्ग हरपाल सिंह को सड़क तक लाने के लिए दो डंडों के बीच में फोल्डिंग कुर्सी बांधकर डोली का आकार दिया। तब उनको लीती सड़क तक लाया गया।
लीती के हवेलियां भैड़ी तोक का मामला संज्ञान में है। हवेलियां भैड़ी के लिए प्राथमिकता से सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। - सुरेश गढि़या, विधायक, कपकोट।
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ऐसा ही एक गांव है ग्राम पंचायत लीती (कपकोट) का हवेलियां भैड़ी तोक। सड़क से पांच किमी दूर बसे इस गांव में दो दिन पहले भी ग्रामीणों की लाचारी चिंता का कारण बनी। लीती के हवेलियां भैड़ी तोक निवासी हरपाल सिंह (71) की तबीयत दो दिन पहले बिगड़ गई। उनको सांस लेने में काफी तकलीफ होने लगी थी। परिजनों ने गांव के अन्य लोगों को सूचना दी। गांव के लोग तुरंत हरपाल के घर पहुंच गए लेकिन पांच किमी की खड़ी चढ़ाई में बुजुर्ग को ले जाने की चुनौती आ गई। आनन-फानन वैकल्पिक डोली तैयार की गई।
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गांव के महेश कोरंगा, नंदन सिंह कोरंगा, सुंदर सिंह कोरंगा, राम सिंह कोरंगा, दान सिंह कोरंगा, हीरा सिंह कोरंगा, प्रताप सिंह कोरंगा आदि बुजुर्ग को डोली में बिठाकर सड़क की ओर चल पड़े। करीब तीन घंटे में यह लोग पांच किमी की चढ़ाई चढ़कर लीती पहुंचे। वहां से वाहन से बुजुर्ग को सीएचसी कपकोट ले जाया गया। महिला मंगल दल लीती की अध्यक्ष धना कोरंगा ने बताया कि हवेलियां भेड़ी तोक तक सड़क पहुंचाने की मांग की है।
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डोली तक नसीब नहीं
बागेश्वर। सड़क विहीन इलाकों की समस्या से सरकार भी अनभिज्ञ नहीं है। वर्ष 2014-15 में सरकार ने डोली योजना चलाई थी। इसके तहत गांवों को डोलियां उपलब्ध कराई गई ताकी बीमार, असहाय लोगों को डोली से सड़क तक लाया जा सके लेकिन ताज्जुब की बात है कि लीती के हवेलियां भैड़ी गांव के लोगों के पास डोली भी नहीं है। गांव के लोगों ने बीमार बुजुर्ग हरपाल सिंह को सड़क तक लाने के लिए दो डंडों के बीच में फोल्डिंग कुर्सी बांधकर डोली का आकार दिया। तब उनको लीती सड़क तक लाया गया।
लीती के हवेलियां भैड़ी तोक का मामला संज्ञान में है। हवेलियां भैड़ी के लिए प्राथमिकता से सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। - सुरेश गढि़या, विधायक, कपकोट।