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बंदरों से बचने के चक्कर में छत से गिरा
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बागेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती भरत सिंह नगरकोटी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर/कांडा। कांडा क्षेत्र में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बंदरों के झुंड गांवों में अड्डा जमाए हैं। सब्जी, फल नष्ट करने के बाद अब इंसानों पर भी इनके हमले आम हो गए हैं। आए दिन बंदर लोगों को जख्मी कर रहे हैं। मंगलवार को अलकन्या निवासी एक व्यक्ति बंदरों के हमले से बचने के चक्कर में मकान की छत से गिरकर घायल हो गया।
मंगलवार को ग्रामसभा अलकन्या (कांडा) निवासी भरत सिंह नगरकोटी (40) ने छत पर सुखाने के लिए गेहूं डाला था। दोपहर करीब एक बजे जब वह छत पर गेहूं देखने गए तो, बंदरों का झुंड गेहूं खाने में लगा हुआ था। जब उन्होंने बंदरों को भगाने की कोशिश की तो बंदरों ने उनपर हमला कर दिया। बंदरों से बचने के चक्कर में वह छत से गिर गए। इस घटना में उनका दाहिना पैर टूट गया।
परिजन उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल बागेश्वर लाए। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती हैं। गांव के पूर्व प्रधान नरेंद्र सिंह नगरकोटी ने बताया कि कांडा क्षेत्र में बंदरों का आतंक बढ़ते जा रहा है। लोगों का घर से अकेले बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग डर के कारण घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। बंदर अब तक कई लोगों को काट चुके हैं। उन्होंने वन विभाग से बंदरों को पकड़ने की मांग की है।
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मंगलवार को ग्रामसभा अलकन्या (कांडा) निवासी भरत सिंह नगरकोटी (40) ने छत पर सुखाने के लिए गेहूं डाला था। दोपहर करीब एक बजे जब वह छत पर गेहूं देखने गए तो, बंदरों का झुंड गेहूं खाने में लगा हुआ था। जब उन्होंने बंदरों को भगाने की कोशिश की तो बंदरों ने उनपर हमला कर दिया। बंदरों से बचने के चक्कर में वह छत से गिर गए। इस घटना में उनका दाहिना पैर टूट गया।
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परिजन उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल बागेश्वर लाए। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती हैं। गांव के पूर्व प्रधान नरेंद्र सिंह नगरकोटी ने बताया कि कांडा क्षेत्र में बंदरों का आतंक बढ़ते जा रहा है। लोगों का घर से अकेले बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग डर के कारण घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। बंदर अब तक कई लोगों को काट चुके हैं। उन्होंने वन विभाग से बंदरों को पकड़ने की मांग की है।
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