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नाबालिग की शादी रुकवाई
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गरुड़ के एक गांव में नाबालिग की शादी रुकवाने पहुंची वन स्टॉप सेंटर की टीम। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। बाल विकास विभाग के वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) की टीम ने गरुड़ तहसील के एक गांव में नाबालिग की शादी रुकवा दी। राजस्व पुलिस के साथ जब टीम गांव में पहुंची तब तक बरात गांव में पहुंच चुकी थी। लगातार दो दिन में बाल विकास विभाग ने तीन नाबालिग लड़कियों की शादी रुकवाई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास राजेंद्र बिष्ट को शुक्रवार को गरुड़ के एक गांव में नाबालिग की शादी की सूचना मिली। इसे गंभीरता से लेते हुए बिष्ट ने ओएससी की टीम गांव भेजी। टीम के गांव पहुंचने तक बरात पहुंच चुकी थी। वहां धूलिअर्घ्य की तैयारी चल रही थी। टीम ने ग्राम प्रधान के सहयोग से दूल्हा और दुल्हन पक्ष से बात कर शादी रुकवा दी। दूल्हा-दुल्हन के परिजनों को बताया गया कि नाबालिग की शादी करवाना कानूनन अपराध है। दोनों पक्षों से बालिका के बालिग होने के बाद ही शादी करवाने का लिखित करार ले लिया। इसके पश्चात बरात लौट गई।
इससे पहले बृहस्पतिवार को भी ओएससी की टीम ने कपकोट के एक गांव में दो नाबालिगों की शादी रुकवा दी थी। विवाह रुकवाने वाली टीम में ओएससी प्रबंधक षष्टी कांडपाल, अधिवक्ता अंजू पांडेय, केस काउंसलर जया पांडेय, महिला कल्याण अधिकारी चंद्रकला राज, जिला समन्वयक दीप्ति धपोला और मनीषा जोशी शामिल थे।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास राजेंद्र बिष्ट को शुक्रवार को गरुड़ के एक गांव में नाबालिग की शादी की सूचना मिली। इसे गंभीरता से लेते हुए बिष्ट ने ओएससी की टीम गांव भेजी। टीम के गांव पहुंचने तक बरात पहुंच चुकी थी। वहां धूलिअर्घ्य की तैयारी चल रही थी। टीम ने ग्राम प्रधान के सहयोग से दूल्हा और दुल्हन पक्ष से बात कर शादी रुकवा दी। दूल्हा-दुल्हन के परिजनों को बताया गया कि नाबालिग की शादी करवाना कानूनन अपराध है। दोनों पक्षों से बालिका के बालिग होने के बाद ही शादी करवाने का लिखित करार ले लिया। इसके पश्चात बरात लौट गई।
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इससे पहले बृहस्पतिवार को भी ओएससी की टीम ने कपकोट के एक गांव में दो नाबालिगों की शादी रुकवा दी थी। विवाह रुकवाने वाली टीम में ओएससी प्रबंधक षष्टी कांडपाल, अधिवक्ता अंजू पांडेय, केस काउंसलर जया पांडेय, महिला कल्याण अधिकारी चंद्रकला राज, जिला समन्वयक दीप्ति धपोला और मनीषा जोशी शामिल थे।
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