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खड़िया खदानें बंद होने से बड़ा ट्रकों का भाड़ा
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Sat, 01 Apr 2017 11:07 PM IST
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कोर्ट के आदेश पर खड़िया खदानें बंद होने से मैदानी क्षेत्रों से ट्रकों का आना बंद हो गया है। खनन सामग्री ढोने वाले अधिकांश ट्रक और डंपर खड़े हैं। सड़कों में ट्रकों की कमी के कारण सामान का भाड़ा 25 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ गया है।
बागेश्वर जिले की खड़िया खदानों से हर साल लगभग तीन लाख टन खड़िया निकालकर मैदानी क्षेत्रों को ले जाई जाती है। हाइकोर्ट द्वारा अगले चार माह तक खनन पर रोक लगाने के निर्देशों के बाद बागेश्वर जिले की खड़िया खदानों में काम पूरी तरह से बंद हो गया है। इन खदानों में काम बंद होने से मजदूर खाली हाथ बैठे हैं।
खड़िया ढुलान के लिए लगे सैकड़ों वाहनों के पहिये भी थम गए हैं। जहां एक ओर खनन सामग्री ढोने वाले स्थानीय ट्रक खड़े हो गए हैं वहीं मैदानी क्षेत्र से ट्रकों का आना बंद भी हो गया है। मैदानी क्षेेत्रों से खड़िया ढुलान के लिए बड़ी संख्या में ट्रकों के आने से यहां पर लोगों को कुछ रियायत मिल जाती थी।
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अभी तक लगभग 70 रुपये प्रति क्विंटल भाड़ा लिया जाता था लेकिन अब कुछ ट्रक मालिकों ने भाड़ा बढ़ाकर 95 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इससे व्यापारियों के साथ ही आम जनता पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
बागेश्वर जिले की खड़िया खदानों से हर साल लगभग तीन लाख टन खड़िया निकालकर मैदानी क्षेत्रों को ले जाई जाती है। हाइकोर्ट द्वारा अगले चार माह तक खनन पर रोक लगाने के निर्देशों के बाद बागेश्वर जिले की खड़िया खदानों में काम पूरी तरह से बंद हो गया है। इन खदानों में काम बंद होने से मजदूर खाली हाथ बैठे हैं।
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खड़िया ढुलान के लिए लगे सैकड़ों वाहनों के पहिये भी थम गए हैं। जहां एक ओर खनन सामग्री ढोने वाले स्थानीय ट्रक खड़े हो गए हैं वहीं मैदानी क्षेत्र से ट्रकों का आना बंद भी हो गया है। मैदानी क्षेेत्रों से खड़िया ढुलान के लिए बड़ी संख्या में ट्रकों के आने से यहां पर लोगों को कुछ रियायत मिल जाती थी।
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अभी तक लगभग 70 रुपये प्रति क्विंटल भाड़ा लिया जाता था लेकिन अब कुछ ट्रक मालिकों ने भाड़ा बढ़ाकर 95 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इससे व्यापारियों के साथ ही आम जनता पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।