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अमसरकोट में नहीं रुक सका भूस्खलन
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बागेश्वर से अमसरकोट, सोमेश्वर रोड पर हो रहा भूस्खलन।
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। गिरेछिना-सोमेश्वर रूट पर ढाई माह बाद भी यातायात सामान्य नहीं हो सका है। वहां हो रहे भूस्खलन से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। रात में सड़क पर पत्थर रखकर यातायात रोका जा रहा है। बावजूद इसके लोग पत्थर हटाकर जोखिम उठाने को मजबूर हैं।
गिरेछिना सोमेश्वर रोड पर अमसरकोट गांव के पास एक अक्तूबर से आए दिन भूस्खलन हो रहा है। वहां मलबा हटाने के लिए लोनिवि ने दो जेसीबी और पोकलैंड मशीन लगाई है। इसके बावजूद वहां बड़े वाहनों की आवाजाही सुचारु नहीं हो सकी है। रोज हो रहे भूस्खलन के कारण सड़क भी दरकने लगी है। उसी के समानांतर गुजर रही मिहिनिया, काकड़ा, अमतौड़ा रोड भी ढाई माह से यातायात के लिए बंद है।
उस रूट के ग्रामीणों को मोटासेमल गांव से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। मलबा गिरने से भटोली, अमतोड़ा गांव की सड़क पर बना पुल भी खतरे की जद में है। वहीं लोनिवि के जेई दानिश अख्तर ने बताया कि इस मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही मना है। शाम छह बजे बाद छोटे वाहनों को भी रोका जा रहा है क्योंकि वहां आए दिन हो रहे भूस्खलन से दुर्घटना का खतरा है। इसके बावजूद कई लोग जान जोखिम में डालकर रात को भी जबरन पत्थर हटाकर उसी मार्ग से चल रहे हैं।
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गिरेछिना सोमेश्वर रोड पर अमसरकोट गांव के पास एक अक्तूबर से आए दिन भूस्खलन हो रहा है। वहां मलबा हटाने के लिए लोनिवि ने दो जेसीबी और पोकलैंड मशीन लगाई है। इसके बावजूद वहां बड़े वाहनों की आवाजाही सुचारु नहीं हो सकी है। रोज हो रहे भूस्खलन के कारण सड़क भी दरकने लगी है। उसी के समानांतर गुजर रही मिहिनिया, काकड़ा, अमतौड़ा रोड भी ढाई माह से यातायात के लिए बंद है।
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उस रूट के ग्रामीणों को मोटासेमल गांव से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। मलबा गिरने से भटोली, अमतोड़ा गांव की सड़क पर बना पुल भी खतरे की जद में है। वहीं लोनिवि के जेई दानिश अख्तर ने बताया कि इस मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही मना है। शाम छह बजे बाद छोटे वाहनों को भी रोका जा रहा है क्योंकि वहां आए दिन हो रहे भूस्खलन से दुर्घटना का खतरा है। इसके बावजूद कई लोग जान जोखिम में डालकर रात को भी जबरन पत्थर हटाकर उसी मार्ग से चल रहे हैं।
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