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खड़लेख कस्बे में दो महीने से नहीं आ रहा पानी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, कपकोट (बागेश्वर)।
Updated Tue, 09 Feb 2016 11:22 PM IST
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खड़लेख कस्बे के लोग पीने के पानी, पथ प्रकाश और पगडंडियों के नहीं होने से खासे परेशान हैं। स्थिति यह है कि नलों में बीते दो महीने से पानी नहीं आया है। परेशान लोगों को करीब पांच किमी दूर जुबुरा से पानी ढोना पड़ रहा है। कई लोग 20 रुपये प्रति कनस्तर पानी खरीदने को मजबूर हैं।
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सड़क का डामर उखड़ा है। गंदे पानी की निकासी के लिए नाली भी नहीं बनी हैं। समस्याओं का समाधान न होने से लोगों में रोष है।
रिठकुला लीती पेयजल योजना के नलों में दो महीने से पानी नहीं आया है। पानी के लिए पांच किमी दूर जाना पड़ रहा है। लोगों को एक कनस्तर पानी 20 रुपये में पड़ रहा है। पेयजल संस्थान को कई बार पानी की आपूर्ति के लिए कह दिया है, लेकिन विभाग ने आज तक कोई कार्यवाही नहीं की।
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- प्रह्लाद कोरंगा।
यहां से हिमालय की लंबी श्रृंखला दृष्टिगोचर होती है। मैकतोली, नंदा खाट, बणकटिया और पंचाचूली समेत शिखर पर्वत के दर्शन होते हैं। लेकिन पर्यटन के हिसाब से यहां कुछ भी नहीं हुआ है। सड़क का डामर उखड़ा है। गंदे पानी के निकास के लिए नाली तक का निर्माण नहीं किया गया है।
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- महिपाल कोरंगा।
कस्बे से होकर ही पर्यटक मिलम ग्लेशियर, शिखर के मूल नारायण और भनार स्थित बंज्यैण के मंदिर जाते हैं। इसके अलावा माजखेत घाटी की यह मुख्य बाजार है। लेकिन बाजार में एक अदद भी सार्वजनिक शौचालय तक नहीं है। सफाई की भी कोई व्यवस्था नहीं है। प्रशासन को इस बारे में सोचना चाहिए।
- नैन सिंह, अवकाश प्राप्त शिक्षक।
स्ट्रीट लाइट की कोई सुविधा नहीं है, जिससे रात में निकलने में लोगों को परेशानी होती है। इलाका जंगल से लगा होने के कारण यहां शाम होते ही तेंदुए और अन्य जंगली जानवरों के घुसने का खतरा बना रहता है। शासन प्रशासन से कई बार प्रथ प्रकाश की सुविधा देने की मांग कर दी है, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है।
- गोविंद सिंह।
कस्बे में आने के लिए भनार और शीरी ग्राम पंचायत की ओर से पक्की पगडंडी नहीं बनी है। बरसात में फिसलन भरे कच्चे रास्ते पर सफर जोखिमभरा हो जाता है। पक्की पगडंडी नहीं होने से बुजुर्गों को ज्यादा दिक्कत होती है। इस तरफ ध्यान दिया जाना चाहिए।
- हर सिंह कोरंगा।
मुख्य सड़क और खड़लेख भनार में एक अदद भी प्रवेश द्वार नहीं बना है। सड़कों के किनारे पर पैराफिट नहीं बनाए जाने से वाहनों के खाई में गिरने का खतरा है। सड़क पर स्पीड नियंत्रण के लिए ब्रेकर भी नहीं लगाए गए हैं। इसके अलावा यहां हैंडपंप की भी व्यवस्था नहीं हे।
- पप्पू कोरंगा।
खड़लेख कस्बे की समस्याएं संज्ञान में हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बीती 23 नवंबर को भनार मेले के शुभारंभ पर शिखर के मूल नारायण, सनगाड़ नौलिंग और भनार के बंज्यैण मंदिर का धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। जल्द ही इस पर काम होगा। क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाएगा।
- ललित फर्सवाण विधायक कपकोट।