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Bageshwar News: बोरबलड़ा में 11 माह से बिजली गुल, एक महीने से सड़क बंद
Tue, 25 Aug 2026 12:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 25 Aug 2026 12:12 AM IST
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बागेश्वर। तहसील कपकोट की अति दुर्गम ग्राम पंचायत बोरबलड़ा में मूलभूत सुविधाओं का बुरा हाल है। गांव में पिछले 11 महीनों से बिजली आपूर्ति ठप है, जबकि बदियाकोट-बोरबलड़ा मुख्य मोटर मार्ग भी एक माह से पूरी तरह बंद पड़ा है। बदहाल व्यवस्थाओं से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ग्राम प्रधान तनुज और उप प्रधान उषा देवी के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि यूपीसीएल की लापरवाही के कारण गांव लंबे समय से अंधेरे में है।
विद्युत लाइन से संबंधित निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है और पिछले तीन महीने से काम पूरी तरह ठप पड़ा है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने पीएमजीएसवाई की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि बदियाकोट-बोरबलड़ा मोटर मार्ग के निर्माण के दौरान आवश्यक स्थानों पर कॉजवे नहीं बनाए गए।
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किमी 22 पर पुल का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है, जबकि किमी दो पर सड़क पिछले एक महीने से बंद है। किमी 12 से 20 तक सड़क की स्थिति बेहद खराब और खतरनाक बनी हुई है। कई स्थानों पर डामरीकरण अधूरा है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैराफिट तक नहीं बनाए गए हैं।
ग्रामीणों ने यूपीसीएल और पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंताओं के साथ पंचायत प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक बुलाकर समस्याओं के समाधान की मांग की। उन्होंने बिजली आपूर्ति बहाल करने और मोटर मार्ग को जल्द सुचारू कराने की मांग भी उठाई।
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ग्राम प्रधान तनुज और उप प्रधान उषा देवी के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि यूपीसीएल की लापरवाही के कारण गांव लंबे समय से अंधेरे में है।
विद्युत लाइन से संबंधित निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है और पिछले तीन महीने से काम पूरी तरह ठप पड़ा है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों ने पीएमजीएसवाई की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि बदियाकोट-बोरबलड़ा मोटर मार्ग के निर्माण के दौरान आवश्यक स्थानों पर कॉजवे नहीं बनाए गए।
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किमी 22 पर पुल का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है, जबकि किमी दो पर सड़क पिछले एक महीने से बंद है। किमी 12 से 20 तक सड़क की स्थिति बेहद खराब और खतरनाक बनी हुई है। कई स्थानों पर डामरीकरण अधूरा है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैराफिट तक नहीं बनाए गए हैं।
ग्रामीणों ने यूपीसीएल और पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंताओं के साथ पंचायत प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक बुलाकर समस्याओं के समाधान की मांग की। उन्होंने बिजली आपूर्ति बहाल करने और मोटर मार्ग को जल्द सुचारू कराने की मांग भी उठाई।