{"_id":"5e56bdb28ebc3ef38427b26b","slug":"jan-aushadhi-center-locks-not-open-even-after-eight-months-bageshwar-news-hld375238557","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ माह बाद भी नहीं खुले जन औषधि केंद्र के ताले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ माह बाद भी नहीं खुले जन औषधि केंद्र के ताले
विज्ञापन
बागेश्वर जिला अस्पताल में बंद पड़ा जन औषधि केंद्र।
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। जिला अस्पताल बागेश्वर में खोला गया जन औषधि केंद्र आठ माह से बंद पड़ा है। रोगियों को बाजार से महंगी दरों पर दवाएं खरीदनी पड़ रही है। गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोग औषधि केंद्र के बंद होने से परेशान हैं।
आम नागरिकों को 60 से 70 फीसदी कम दरों पर जैनरिक दवाएं उपलब्ध कराने के मकसद से प्रदेश में एक जुलाई 2015 को इस योजना की शुरूआत की गई थी, लेकिन यहां के गरीब तबके लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिला अस्पताल में जनवरी 2019 में रोगियों को कम दरों पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया। जन औषधि केंद्र जून तक ही खुला रहा। जुलाई 2019 से जन औषधि केंद्र पर ताला लग गया। अस्पताल में आने वाले रोगी सस्ती दवाओं के लिए भटक रहे है। वहीं अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक इसके संचालन में आई कमी के चलते भी यह बंद पड़ा है।
जनऔषधि केंद्र पर रोगियों की राय
>> बाहर से महंगी दरों पर दवाएं खरीदनी पड़ती है। गरीब लोगों को औषधि केंद्र से राहत पहुंच रही थी। इसके बंद होने से दवाईयों का खर्च बढ़ गया है। - देवकी देवी निवासी बागेश्वर
विज्ञापन
>> जनऔषधि केंद्र में सस्ती दरों पर दवाएं मिलती थी। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए यह सहारे का काम करता है। बंद औषधि केंद्र जल्द खुलना चाहिए। - गोदावरी देवी निवासी बागेश्वर
>> दवाएं दिन प्रतिदिन महंगी हो रही हैं, जिन्हें खरीदने के लिए काफी पैसे खर्च करने पड़ते है। औषधि केंद्र के बंद होने से लोगों की जेब ढीली हो रही है। - बची सिंह बिष्ट निवासी बागेश्वर।
>> दवाओं की कमी के चलते जन औषधि केंद्र बंद है। जरूरत के मुताबिक रोगियों को दवाएं नहीं मिल पा रही थी। इसको दोबारा खोलने का प्रयास किया जा रहा है। - अशोक लोहनी अध्यक्ष रेडक्रॉस सोसायटी बागेश्वर
विज्ञापन
आम नागरिकों को 60 से 70 फीसदी कम दरों पर जैनरिक दवाएं उपलब्ध कराने के मकसद से प्रदेश में एक जुलाई 2015 को इस योजना की शुरूआत की गई थी, लेकिन यहां के गरीब तबके लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिला अस्पताल में जनवरी 2019 में रोगियों को कम दरों पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया। जन औषधि केंद्र जून तक ही खुला रहा। जुलाई 2019 से जन औषधि केंद्र पर ताला लग गया। अस्पताल में आने वाले रोगी सस्ती दवाओं के लिए भटक रहे है। वहीं अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक इसके संचालन में आई कमी के चलते भी यह बंद पड़ा है।
विज्ञापन
जनऔषधि केंद्र पर रोगियों की राय
>> बाहर से महंगी दरों पर दवाएं खरीदनी पड़ती है। गरीब लोगों को औषधि केंद्र से राहत पहुंच रही थी। इसके बंद होने से दवाईयों का खर्च बढ़ गया है। - देवकी देवी निवासी बागेश्वर
विज्ञापन
>> जनऔषधि केंद्र में सस्ती दरों पर दवाएं मिलती थी। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए यह सहारे का काम करता है। बंद औषधि केंद्र जल्द खुलना चाहिए। - गोदावरी देवी निवासी बागेश्वर
>> दवाएं दिन प्रतिदिन महंगी हो रही हैं, जिन्हें खरीदने के लिए काफी पैसे खर्च करने पड़ते है। औषधि केंद्र के बंद होने से लोगों की जेब ढीली हो रही है। - बची सिंह बिष्ट निवासी बागेश्वर।
>> दवाओं की कमी के चलते जन औषधि केंद्र बंद है। जरूरत के मुताबिक रोगियों को दवाएं नहीं मिल पा रही थी। इसको दोबारा खोलने का प्रयास किया जा रहा है। - अशोक लोहनी अध्यक्ष रेडक्रॉस सोसायटी बागेश्वर