{"_id":"f419cb125c374dc46e4f583d738d6757","slug":"information-will-be-activated-as-soon-as-the-intake-air-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूचना मिलते ही सक्रिय होगी सेवन डेस्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूचना मिलते ही सक्रिय होगी सेवन डेस्क
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ बागेश्वर
Updated Thu, 04 Jun 2015 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएम भूपाल सिंह मनराल ने बुधवार को जिला आपदा प्रबंधन प्र्राधिकरण की समीक्षा बैठक बुलाई। कहा कि बरसात के दौरान जून से सितंबर तक का समय आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है। कभी भी सूचना मिलते ही जिले की सेवन डेस्क प्रणाली सक्रिय हो जाएगी। इसलिए कोई भी अधिकारी, कर्मचारी इस बीच अनुमति लिए बिना छुट्टी पर नहीं जाएगा।
विज्ञापन
कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम मनराल ने कहा कि जिस विभाग, कार्मिक को आपदा प्रबंधन से संबंधित काम सौंपा गया है, वह उसके बारे में पूरा होमवर्क करके जरूरी तैयारी रखें। उसी के अनुसार अपने अधीनस्थ कर्मियों की ड्यूटी लगाएं।
विज्ञापन
हर अधिकारी, कर्मचारी को पहले से ही पता रहे कि आपदाकाल में उसे क्या काम करना है। ताकि वह सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य में जुट सके। उन्होंने सेवन डेस्क से जुड़े सभी नोडल अधिकारियों से कहा कि वह अपने डेस्क से संबंधित सभी अधिकारियों को आपदा के दौरान उनका कार्य समझा दें और नियमित बैठक लेकर इसकी समीक्षा करें।
विज्ञापन
जिससे आकस्मिकता की स्थिति में अफरातफरी न हो। राहत और बचाव कार्य तेजी के साथ प्रभावी ढंग से चलाए जा सकें। उन्होंने कहा कि आपदाओं को रोका तो नहीं जा सकता लेकिन पूर्व की तैयारियों से आपदा के कारण होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है।
राज्य, केंद्र सरकार के मौसम विज्ञान विभाग से मिलने वाले पूर्वानुमान पर अवश्य ध्यान दिया जाना चाहिए। उसी के अनुसार सजग रहकर कार्रवाई की जाए। डीएम ने कहा कि किसी भी आपदा की सूचना डीएम, एसपी आफिस में तत्काल दी जानी चाहिए।
तभी से आपातकालीन परिचालन केंद्र सक्रिय हो जाएगा। उसी के अनुसार सेवन डेस्क से संबंधित नोडल अधिकारी अपनी डेस्क से जुड़े अन्य अधिकारियों को सक्रिय करेंगे और सदस्य विभाग भी आपदा टीमों को आपदा स्थल की ओर रवाना करेंगे।
आपदा स्थल के पास सर्विस डेस्क द्वारा सूचना केंद्र स्थापित किया जाएगा, ताकि स्थिति की सूचना आपातकालीन परिचालन केंद्र को मिल सके। आपरेशन डेस्क द्वारा सेंटर की स्थापना कर चिकित्सा, राहत, पेयजल आदि का प्रबंध किया जाएगा।
सर्विस और आपरेशन डेस्क के माध्यम से खोज, बचाव, लाजिस्टिक डेस्क द्वारा टेंट, पेयजल, बिजली, जनरेटर आदि की व्यवस्थाएं की जाएंगी। इन्फ्रांस्ट्रक्चर डेस्क द्वारा जेसीबी आदि उपकरण, मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा।
कम्यूनिकेशन डेस्क द्वारा सूचनाओं का आदान-प्रदान, रिसोर्स डेस्क द्वारा आपदा राहत कार्यों के लिए जरूरी संसाधनाें की मांग कर लेखा-जोखा रखा जाएगा। वहां एसडीएम फिंचा राम चौहान बागेश्वर, कैलाश टोलिया कपकोट, सीएस डोबाल गरुड़, रेखा कोहली कांडा समेत सभी नोडल अधिकारी, समन्वयक अधिकारी मौजूद थे।