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अतुलनीयः सुरक्षा व्यवस्था के साथ परोपकार भी
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बागेश्वर जिला अस्पताल में रक्तदान करतीं महिला पुलिसकर्मी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : AMAR UJALA
संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। बागेश्वर की पुलिस लॉकडाउन के दौरान सख्ती से कानून व्यवस्था का अनुपालन तो करा ही रही है, लोगों की जान बचाने के लिए अपना खून देने से भी नहीं कतरा रही है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में भर्ती एक प्रसव पीड़िता को खून की आवश्यकता हुई। जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक रचिता जुयाल के निर्देश पर महिला उप निरीक्षक ने रक्तदान कर जच्चा और बच्चा की जान बचाने में मदद की। शुक्रवार को कपकोट की प्रसव पीड़िता गीता देवी जिला अस्पताल में भर्ती थी। उसका हीमोग्लोबिन कम था। डॉक्टरों ने रक्त चढ़ाने की आवश्यकता बताई। महिला का ब्लड ग्रुप बी पाजिटिव था। जिला अस्पताल के रक्तकोष में इस ग्रुप का रक्त उपलब्ध नहीं था। इस पर जिला रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन अशोक लोहनी ने एसपी मीडिया ग्रुप के साथ ही अन्य ग्रुपोें में जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक रचिता जुयाल ने उप निरीक्षक निशा पांडेय को रक्तदान करने के लिए जिला अस्पताल भेजा।
जिला रेडक्रास सोसायटी के सदस्य जगदीश उपाध्याय ने भी उप निरीक्षक निशा पांडेय से संपर्क साधा। पांडे ने रक्तकोष पहुंचकर रक्तदान किया, जिससे प्रसव पीड़िता की डिलीवरी हो पाई। महिला ने स्वस्थ बालक को जन्म दिया है। महिला के परिजनों ने उप निरीक्षक और एसपी का आभार जताया। बता दें कि बुधवार को भी पुलिस अधीक्षक रचिता जुयाल की पहल पर दो पुलिस कर्मियों ने एक गंभीर मरीज को रक्त दिया था।
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