{"_id":"57d991334f1c1b193bd49173","slug":"in-every-country-making-identification-hindi","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर देश में पहचान बना रही है हिंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर देश में पहचान बना रही है हिंदी
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
Updated Wed, 14 Sep 2016 11:34 PM IST
विज्ञापन
हिंदी दिवस पर बोलते वक्ता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय महाविद्यालय बागेश्वर में हिंदी दिवस पर गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. एससी पंत ने कहा कि हिंदी ही एक ऐसी भाषा है जिसका पूरे विश्व में तेजी से प्रसार हो रहा है। इस भाषा को हर देश व दुनियां में जाना जाने लगा है।
विज्ञापन
उन्होंने हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए इस भाषा का बोलचाल में अधिक से अधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। गोष्ठी में डॉ. दीपा गोबाड़ी, डॉ. चंद्रा खत्री, डॉ. एसएस धपोला, डॉ. शरद भट्ट, डॉ. नरेश कुमार, डॉ. नेहा पालनी, डॉ. भगवती नेगी, डॉ. शालिनी पाठक सहित महाविद्यालय के सभी छात्र-छात्रा मौजूद थे। इस मौके पर प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई।
विज्ञापन
निबंध में भावना प्रथम, कामाक्षा द्वितीय स्थान पर रही। पोस्टर में खुशबू आर्या पहले, रश्मि दूसरे, भाषण में बबीता खत्री पहले व भावना नेगी दूसरे स्थान पर रही। हिंदी दिवस पर राउमावि बहुली में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्राध्यापक विनोद प्रकाश ने कहा कि सूचना क्रांति के दौर में हिंदी राष्ट्र भाषा, राजभाषा के बाद वैश्विक भाषा बनने की ओर तेजी से बढ़ रही है। इस मौके पर पत्र लेखन प्रतियोगिता में तनुजा परिहार, ज्योति परिहार, सोनाली, संवाद लेखन में मुकुल कुमार, राधा परिहार, युवराज सिंह मेहता क्रमश: पहले दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। कार्यक्रम में गीता, साइस्ता परवीन, हरीश रौतेला आदि मौजूद थे।
विज्ञापन