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21 वीं सदी में भी मरीजों को अस्पताल पहुंचने के लिए डोली का सहारा
Thu, 28 Feb 2019 11:58 PM IST
दीपक नेगी
ब्यूरो/अमर उजाला/बागेश्वर
ब्यूरो/अमर उजाला/बागेश्वर
Published by: दीपक नेगी
Updated Thu, 28 Feb 2019 11:58 PM IST
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बागेश्वर में काफलीगैर इलाके में डोली से मरीज लाते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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करासमाफी सड़क नहीं बनने ग्रामीण मरीजों को डोली में ले जाने को मजबूर है। इससे मरीज, तीमारदारों की भी जान को खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने सड़क नहीं बनने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के उत्तराधिकारी फतेह सिंह ने बताया कि जैन करास, छना गोल, हरखोला के लिए 2007 में सड़क के लिए मंजूरी मिली लेकिन 12 साल बाद भी सड़क नहीं बन सकी है। इससे मरीजों को डोली से लाया जाता है। डोली से लाने पर मरीजों, डोली उठाने वालों को भी जान का खतरा बना रहता है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क के लिए कई दफा विधायक चंदन राम दास से गुहार लगाई। वहीं विधायक ने बजट की कमी का हवाला देते हैं जबकि अन्य क्षेत्रों में विकास की निविदाएं हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सड़क नहीं बनती है तो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को मिले तामपत्र, सम्मान वापस कर दिए जाएंगे। वहीं कोई अनहोनी होने पर विधायक का घेराव किया जाएगा। इस दौरान महेंद्र सिंह करायत, सुंदर सिंह बिष्ट मौजूद थे।
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