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भव्य कलश यात्रा के साथ गायत्री महायज्ञ शुरू
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
Updated Wed, 16 May 2018 11:06 PM IST
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बागेश्वर में संगीतमयी प्रवचन सुनते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार की जिला शाखा की ओर से भगवान बागनाथ की नगरी में बुधवार को तीन दिवसीय गायत्री महायज्ञ शुरू हो गया है। काफी संख्या में महिलाओं ने रंगोली ओड़कर गाजे-बाजे के साथ नगर में भव्य कलश यात्रा निकाली। रैली में शामिल बच्चे हाथ में तख्तियां लेकर लोगों से नशे से दूर रहने और भारत स्वच्छ अभियान को सफल बनाने की अपील कर रहे थे।
बुधवार सुबह महिलाएं सरयू का पावन जल तांबे के कलशों में भरकर नए सरयू पुल के समीप जमा हुईं। इसके बाद वह गायत्री माता का जयकारा करती हुई नगर के विभिन्न बाजारों से होकर महायज्ञस्थल बागनाथ मंदिर परिसर पहुंची। कलश यात्रा में जीजीआईसी, गायत्री विद्या मंदिर के बच्चों ने लोगों से नशामुक्त समाज, घर, सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा नहीं डालने की अपील की।
गायत्री परिवार के जिलाध्यक्ष बसंत बल्लभ पांडे आचार्य की अगुवाई में निकली कलशयात्रा में बागनाथ मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नंदन रावल, व्यापार मंडल के अध्यक्ष हरीश सोनी, हीरा सिंह ऐठानी, गोविंद परिहार, गोविंद बाफिला, अनिल साह, डॉ. शेर सिंह ऐठानी, उमेश लोहनी, प्रकाश साह, किशन रावल, प्रकाश पंत, कैलाश पांडे, नगर पालिका की निवर्तमान अध्यक्ष गीता रावल, दुर्गा अस्वाल, कमला भैंसोड़ा, जीवंती कांडपाल, चंद्रा उपाध्याय, देवकी, पार्वती, भागुली, नीमा, शशि परिहार आदि शामिल थे।
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दोपहर से संगीतमई प्रवचन शुरू हुआ। हरिद्वार से आए आचार्य डॉ. अशोक ठोके, सुनील बंशीधर दिल्थीर, रूप चंद्र ने शांतिकुंज हरिद्वार के संस्थापक आचार्य श्री राम शर्मा को देव संस्कृति के निर्माता और यज्ञ पिता गायत्री माता स्वरूप भगवती देवी का स्मरण किया। कहा कि युग ऋषि की 3200 पुस्तकों ने समाज, राष्ट्र में एक आमूल चूल परिवर्तन की आधारशिला रखी।
गायत्री महायज्ञ के आज के कार्यक्रम
सुबह छह बजे - गायत्री जप, ध्यान और प्रज्ञा योग।
सुबह आठ बजे - नौ कुंडीय महायज्ञ।
शाम चार बजे - भव्य दीप यज्ञ और संकल्प।
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बुधवार सुबह महिलाएं सरयू का पावन जल तांबे के कलशों में भरकर नए सरयू पुल के समीप जमा हुईं। इसके बाद वह गायत्री माता का जयकारा करती हुई नगर के विभिन्न बाजारों से होकर महायज्ञस्थल बागनाथ मंदिर परिसर पहुंची। कलश यात्रा में जीजीआईसी, गायत्री विद्या मंदिर के बच्चों ने लोगों से नशामुक्त समाज, घर, सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा नहीं डालने की अपील की।
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गायत्री परिवार के जिलाध्यक्ष बसंत बल्लभ पांडे आचार्य की अगुवाई में निकली कलशयात्रा में बागनाथ मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नंदन रावल, व्यापार मंडल के अध्यक्ष हरीश सोनी, हीरा सिंह ऐठानी, गोविंद परिहार, गोविंद बाफिला, अनिल साह, डॉ. शेर सिंह ऐठानी, उमेश लोहनी, प्रकाश साह, किशन रावल, प्रकाश पंत, कैलाश पांडे, नगर पालिका की निवर्तमान अध्यक्ष गीता रावल, दुर्गा अस्वाल, कमला भैंसोड़ा, जीवंती कांडपाल, चंद्रा उपाध्याय, देवकी, पार्वती, भागुली, नीमा, शशि परिहार आदि शामिल थे।
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दोपहर से संगीतमई प्रवचन शुरू हुआ। हरिद्वार से आए आचार्य डॉ. अशोक ठोके, सुनील बंशीधर दिल्थीर, रूप चंद्र ने शांतिकुंज हरिद्वार के संस्थापक आचार्य श्री राम शर्मा को देव संस्कृति के निर्माता और यज्ञ पिता गायत्री माता स्वरूप भगवती देवी का स्मरण किया। कहा कि युग ऋषि की 3200 पुस्तकों ने समाज, राष्ट्र में एक आमूल चूल परिवर्तन की आधारशिला रखी।
गायत्री महायज्ञ के आज के कार्यक्रम
सुबह छह बजे - गायत्री जप, ध्यान और प्रज्ञा योग।
सुबह आठ बजे - नौ कुंडीय महायज्ञ।
शाम चार बजे - भव्य दीप यज्ञ और संकल्प।