{"_id":"5999c1b84f1c1ba9738b460b","slug":"fury-in-state-agitators-marked-by-not-getting-certificate","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रमाण पत्र नहीं मिलने से चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों में रोष ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रमाण पत्र नहीं मिलने से चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों में रोष
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
Updated Sun, 20 Aug 2017 10:37 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर में बैठक करते राज्य आंदोलनकारी।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों की बैठक में प्रशासन की ओर से प्रमाण पत्र नहीं देने पर गहरी नाराजगी जताई गई। राज्य आंदोलनकारियों ने इसे उपेक्षा करार बताते हुए अपने सम्मान के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही।
विज्ञापन
रविवार को तहसील परिसर में कुंदन सिंह ऐठानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बागेश्वर जिले में 352 राज्य आंदोलनकारी चिन्हित किए गए थे। इनमें से केवल 12 को ही प्रमाण पत्र दिए गए। शेष आंदोलनकारियों की आज तक उपेक्षा की जा रही है। सभी आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि अपने सम्मान के लिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट भी जाना पड़े तो वह पीछे नहीं हटेंगे।
विज्ञापन
तय किया गया शीघ्र ही जिले भर के चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों की बैठक कर आगे का फैसला लिया जाएगा। बैठक में कांडा तहसील के अध्यक्ष वंशीधर कांडपाल, जितेंद्र वर्मा, हरीश कांडपाल, मोहन चंद्र उप्रेती, भूपेंद्र धपोला, हेम चंद्र जोशी, बबलू कांडपाल, प्रकाश तिवारी, हयात धपोला आदि थे।
विज्ञापन