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वन पंचायत सरपंचों ने की अधिकारों की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Mon, 25 Dec 2017 10:35 PM IST
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बैठक करते वन पंचायत सरपंच।
- फोटो : amar ujala
वन पंचायत सरपंच संगठन की बैठक में वन पंचायतों को स्वायत्तता दिए जाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई। वन सरपंचों ने सात वर्षों से लीसा रॉयल्टी का पैसा नहीं दिए जाने पर रोष जताया। वन पंचायत सरपंच संगठन के जिलाध्यक्ष पूरन सिंह रावल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आज तक अधिकांश वन पंचायतों का सीमांकन नहीं हुआ है।
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पिछले साल तैनात फायर वॉचरों को अभी तक मानदेय नहीं दिया गया है। पंचायती वनों में अतिक्रमण और खनन की घटनाएं बढ़ रही हैं। इनके नियंत्रण के लिए प्रशासन की ओर से कोई सहयोग वन सरपंचों को नहीं मिल रहा है। सभी वन सरपंचों ने वन पंचायत नियमावली में जनपक्षीय संशोधन कर उसे वन विभाग के नियंत्रण से मुक्त करने और पंचायतों के विकास के लिए वन पंचायत अधिनियम बनाने की मांग उठाई।
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वन सरपंचों ने लीसा रॉयल्टी का भुगतान शीघ्र करने, क्षेत्र एवं जिला पंचायत की बैठकों में वन पंचायतों को आमंत्रित करने की मांग की गई। तय किया गया कि दो जनवरी को सरपंच संगठन प्रभागीय वनाधिकारी से मिलेगा। इसके बाद 13 जनवरी को जिला मुख्यालय में संकल्प रैली निकाली जाएगी।
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बैठक में पंकज बिष्ट, मदन सिंह मेहता, गिरीश चंद्र उप्रेती, मदन उपाध्याय, विशन सिंह, आनंद सिंह, गोविंद परिहार, अल्मोड़ा से आए ईश्वर जोशी, दिनेश लोहनी, नंदन सिंह, भगवान सिंह, बसंत बल्लभ, हेमंत सिंह, नंदन सिंह, नरेंद्र सिंह परिहार आदि थे।