फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Forest Fire in Bageshwar

बागेश्वर में 75 हेक्टेयर जंगल जलकर हुआ खाक

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Apr 2022 11:31 PM IST
विज्ञापन
Forest Fire in Bageshwar
बागेश्वर के धरमघर रेंज के जंगल में आग बुझाते वनकर्मी। विज्ञप्ति - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। जिले में जंगलों के जलने का सिलसिला लगातार चल रहा है। जिला मुख्यालय समेत सभी तहसीलों में जंगलों की आग फैल गई है। गरुड़ और धरमघर के जंगल धधक रहे हैं। फायर सीजन में आग की 61 घटनाएं दर्ज हुईं हैं। आग से 75 हेक्टेयर जंगल जल गया और करीब 2.15 लाख का नुकसान हुआ है। वन विभाग लगातार आग बुझाने के दावे कर रहा है, लेकिन जिस गति से जंगल जल रहे हैं उससे विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन

गरुड़ के बैजनाथ रेंज और कांडा और दुग नाकुरी से लगे धरमघर रेंज के जंगल सोमवार रात से धधक रहे हैं। आग के कारण वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है। आग से ग्रामीणों के जनजीवन पर भी असर पड़ा है। जंगलों में होने वाली चारा पत्ती जलकर नष्ट होने से पशुपालकों की परेशानी बढ़ रही है। कई गांवों में जंगल की आग आबादी तक पहुंच रही है। आग से वन्यजीव जंतुओं का जीवन भी संकट में पड़ रहा है। इस कारण हिंसक जानवर भी आबादी की ओर आ रहे हैं। जिले के जंगलों की आग से विभाग के आग बुझाने के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों में भी विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
विज्ञापन

जिला मुख्यालय से लेकर गांवों तक आग ही आग
बागेश्वर। जिले में आग का दायरा सभी तहसील क्षेत्रों तक बढ़ गया है। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती जौलकांडे, थापली, छतीना, बिलखेत से गरुड़ के बैजनाथ रेंज, कांडा के मनकोट, घिंघारुतोला, कपकोट की पुंगरघाटी और धरमघर रेंज के जंगल आग की भेंट चढ़ चुके हैं। जंगलों की आग से जिला मुुख्यालय सहित घाटी वाले अधिकतर इलाकों में धुआं भर गया है। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अस्थमा के मरीज बरतें विशेष सावधानी : सीएमएस
बागेश्वर। जंगल की आग के धुएं से जिला अस्पताल में अस्थमा, सांस, आंख के मरीजों की तादाद बढ़ रही है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके टम्टा का कहना है कि धुआं फेफड़ों के संक्रमण और अस्थमा के मरीजों के लिए घातक होता है। उन्होंने ऐसे मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेकर विशेष सावधानी बरतने का सुझाव दिया है।

जंगल की आग को काबू करने के लिए वन विभाग के कर्मचारी और फायर वाचर मशक्कत कर रहे हैं। कुछ जंगलों में शॉर्ट सर्किट से भी आग लग रही है। अराजक तत्व भी वनों को आग के हवाले कर रहे हैं। जंगलों को बचाने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। आग लगाने वालों को पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। - हिमांशु बागरी, डीएफओ, बागेश्वर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed