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Bageshwar News: शिखरकोट और बैजनाथ रेंज के जंगल जले
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बागेश्वर/गरुड़/कौसानी। जिले में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। अब तक जंगल जलने की 18 घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। वनाग्नि से 21.400 का वन क्षेत्र जल गया है और 64,200 रुपये का नुकसान हुआ है। वन विभाग की पूर्व तैयारियों के बावजूद कर्मचारी वनों को जलने से नहीं रोक पा रहे हैं।
जिले के सभी तहसील क्षेत्रों में वनाग्नि से जंगल को नुकसान हो रहा है। रविवार की शाम को शिखरकोट के जंगल में आग लगी। इस दौरान करीब डेढ़ हेक्टेयर वन क्षेत्र आग की चपेट में आ गया। सूचना पर पहुंची बैजनाथ रेंज की टीम ने आग को काबू किया लेकिन तब तक वन संपदा को काफी नुकसान हो चुका था। सोमवार को दिन के समय बैजनाथ रेंज के कौसानी और देवनाई से लगे जंगल सुलगते रहे। दिन के समय तेज धूप और हवा के कारण आग को फैलने में मदद मिली। वनाग्नि की घटनाओं में बढ़ोतरी से चारा पत्ती, जड़ीबूटी, इमारती लकड़ी और वन्य जीवन को नुकसान हो रहा है। आग लगने से उठने वाला धुंआ पर्यावरण पर भी दुष्प्रभाव डाल रहा है। धुएं से सांस और आंख संबंधी दिक्कतें बढ़ रही हैं।
इधर, डीएफओ हिमांशु बागरी ने कहा कि वनाग्नि की कुछ घटनाएं हो रही हैं लेकिन विभाग की टीम तत्काल मौके पर जाकर आग को काबू कर रही है। लोगों को भी वनों की रक्षा में सहयोग करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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फोटो 22 बीजीएस 03 पी
पठक्यूड़ा वन पंचायत के जंगल में लगी आग
धरमघर। धरमघर के पठक्यूड़ा वन पंचायत के जंगल में रविवार रात आग लग गई। वन पंचायत सरपंच को अराजक तत्वों पर जंगल में आग लगाने का शक है। सोमवार तड़के चार बजे वन पंचायत सरपंच पूरन पाठक के नेतृत्व में वन पंचायत के लोगों ने आग पर काबू पाया। लोगों की तत्परता से आग ज्यादा हिससे में नहीं फैल पाई। संवाद
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जिले के सभी तहसील क्षेत्रों में वनाग्नि से जंगल को नुकसान हो रहा है। रविवार की शाम को शिखरकोट के जंगल में आग लगी। इस दौरान करीब डेढ़ हेक्टेयर वन क्षेत्र आग की चपेट में आ गया। सूचना पर पहुंची बैजनाथ रेंज की टीम ने आग को काबू किया लेकिन तब तक वन संपदा को काफी नुकसान हो चुका था। सोमवार को दिन के समय बैजनाथ रेंज के कौसानी और देवनाई से लगे जंगल सुलगते रहे। दिन के समय तेज धूप और हवा के कारण आग को फैलने में मदद मिली। वनाग्नि की घटनाओं में बढ़ोतरी से चारा पत्ती, जड़ीबूटी, इमारती लकड़ी और वन्य जीवन को नुकसान हो रहा है। आग लगने से उठने वाला धुंआ पर्यावरण पर भी दुष्प्रभाव डाल रहा है। धुएं से सांस और आंख संबंधी दिक्कतें बढ़ रही हैं।
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इधर, डीएफओ हिमांशु बागरी ने कहा कि वनाग्नि की कुछ घटनाएं हो रही हैं लेकिन विभाग की टीम तत्काल मौके पर जाकर आग को काबू कर रही है। लोगों को भी वनों की रक्षा में सहयोग करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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पठक्यूड़ा वन पंचायत के जंगल में लगी आग
धरमघर। धरमघर के पठक्यूड़ा वन पंचायत के जंगल में रविवार रात आग लग गई। वन पंचायत सरपंच को अराजक तत्वों पर जंगल में आग लगाने का शक है। सोमवार तड़के चार बजे वन पंचायत सरपंच पूरन पाठक के नेतृत्व में वन पंचायत के लोगों ने आग पर काबू पाया। लोगों की तत्परता से आग ज्यादा हिससे में नहीं फैल पाई। संवाद