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सलों की सुरक्षा में लाभकारी साबित हो रही वायर चेन फैन्सिंग
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बागेश्वर। जंगली जानवरों और लावारिस पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए वायर चेन फेंसिंग सुविधा लाभकारी साबित हो रही है। आजीविका समूह से जुड़ी महिलाएं अपने खेतों में वायर चैन फेंसिंग लगाकर फसलों की सुरक्षा कर रही हैं। एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के माध्यम से तारबाड़ की सुविधा प्रदान की जा रही है। सुअर, बंदर इस तारबाड़ को आसानी से नहीं भेद पाते।
पहाड़ में जंगली जानवर और लावारिस पशु किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस कारण कई लोगों ने खेती करना ही छोड़ दिया है। लोगों के पास फसल को बचाने के लिए कोई कारगर साधन भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में एकीकृत आजीविका परियोजना समूह की वायर चेन फेंसिंग लोगों के लिए लाभकारी साबित हो रही है
आजीविका के परियोजना प्रबंधक धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि जिले में 73 ग्राम पंचायतों के 578 परिवार वायर चेन फेंसिंग का इस्तेमाल कर फसलों की सुरक्षा कर रहे हैं। 189 हेक्टेयर क्षेत्र वायर चेन फेंसिंग से कवर किया गया है। बताया कि 100 मीटर से भी ज्यादा के क्षेत्र के खेत में तारबाड़ कर फसलों को जंगली जानवरों से बचाया जा सकता है। आजीविका परियोजना के माध्यम से समूह से जुड़ी महिलाओं को इसका लाभ दिया जाता है। प्रतिमीटर एक रुपये अस्सी पैसे के हिसाब से प्रतिमाह इसका भुगतान उपयोगकर्ता को देना होता है।
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पहाड़ में जंगली जानवर और लावारिस पशु किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस कारण कई लोगों ने खेती करना ही छोड़ दिया है। लोगों के पास फसल को बचाने के लिए कोई कारगर साधन भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में एकीकृत आजीविका परियोजना समूह की वायर चेन फेंसिंग लोगों के लिए लाभकारी साबित हो रही है
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आजीविका के परियोजना प्रबंधक धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि जिले में 73 ग्राम पंचायतों के 578 परिवार वायर चेन फेंसिंग का इस्तेमाल कर फसलों की सुरक्षा कर रहे हैं। 189 हेक्टेयर क्षेत्र वायर चेन फेंसिंग से कवर किया गया है। बताया कि 100 मीटर से भी ज्यादा के क्षेत्र के खेत में तारबाड़ कर फसलों को जंगली जानवरों से बचाया जा सकता है। आजीविका परियोजना के माध्यम से समूह से जुड़ी महिलाओं को इसका लाभ दिया जाता है। प्रतिमीटर एक रुपये अस्सी पैसे के हिसाब से प्रतिमाह इसका भुगतान उपयोगकर्ता को देना होता है।
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