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पलायन पर विराम लगाने के लिए गांवों खाली होने से बचाना जरूरी: जोशी
अमर उजाला ब्यूरो, गरुड़ बागेश्वर
Updated Wed, 19 Oct 2016 11:45 PM IST
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लोगों को संबोधित करते अनिल जोशी
- फोटो : अमर उजाला
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गांव बचाओ जागरूकता रैली के गरुड़ पहुंचने पर सवाल संगठन ने रैली का भव्य स्वागत किया। रैली के प्रमुख पद्मश्री डॉ. अनिल जोशी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य बनने के सोलह सालों में सरकार ने बेरोजगारी और पलायन को रोकने के लिए कोई ठोस नीति बनाई होती तो उत्तराखंड में 36 हजार गांवों में से पलायन नहीं होता।
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आने वाले चुनाव में जनता इन तमाम मुद्दों पर भाजपा और कांग्रेस से सवाल करेगी। पलायन पर विराम लगाने के लिए गांवों खाली होने से बचाना जरूरी है। गांव बचाओ रैली के कौसानी से गरुड़ आगमन पर सवाल संगठन के लोगों ने यात्रियों का भव्य स्वागत किया। गांधी चबूतरे पर हुई सभा में पद्मश्री डॉ. अनिल जोशी ने कहा कि सरकार और चुनें गए जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के चलते सोलह सालों में उत्तराखंड के गांवों से पलायन जमकर हुआ है। डॉ. जोशी ने चुने गए नेताओं और युवा वर्ग से पलायन पर गहराई से मंथन करने को कहा।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने गांवों लघु उद्योगों को विकसित करने के लिए कोई ठोस नीति बनाई होती तो उत्तराखंड का शिक्षित बेरोजगार महानगरों की ओर पलायन नहीं करता। सवाल संगठन के गिरीश तिवारी ने कहा कि गांव बचाओ रैली पलायन को रोकने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। यात्रा में डॉ. हिमानी, प्रकाश जोशी, मोहन नेगी, द्वारिका सेमवाल, प्रकाश पंत, शालनी नेगी, पवन नेगी, गिरी तिवाड़ी आदि ने विचार रखे। यात्रा के संचालन के लिए गांव पद यात्रियों ने गरुड़, गागरीगोल, बैजनाथ चंदा भी किया। संचालन यात्रा के संयोजक सवाल संगठन के गिरीश तिवारी ने किया।
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