{"_id":"6456969c9409441b4d0037b7","slug":"dvd-case-in-bageshwar-bageshwar-news-c-8-1-132488-2023-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: बागेश्वर के सिया गांव में डायरिया से बच्ची की मौत, सात लोग भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: बागेश्वर के सिया गांव में डायरिया से बच्ची की मौत, सात लोग भर्ती
Sat, 06 May 2023 11:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 06 May 2023 11:34 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती डायरिया पीड़ित का इलाज करतीं स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। काफलीगैर तहसील के सिया गांव में डायरिया से पांच वर्षीय एक बच्ची की मौत हो गई है। गांव के 16 लोग उल्टी दस्त की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सात लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। बाकी लोगों का इलाज गांव में ही चल रहा है। बीमारी का कारण स्रोत के पानी को माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए स्रोत के पानी का सैंपल लेकर जल संस्थान को सौंप दिया है।
जिले में बेमौसम बारिश से बीमारियां बढ़ने लगी हैं। सिया गांव में कई परिवार डायरिया और उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए हैं। ग्रामीण हरीश चंद्र सिंह पांच साल की बेटी निकिता की बीमारी से मौत हो गई। बच्ची की मौत की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। प्रभारी सीएमओ डॉ. पीएस जंगपांगी डॉक्टर की टीम के साथ गांव गए। डॉ. आरएस टोलिया, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. रवि श्रीवास्तव और फार्मासिस्ट शिवराज सिंह ने मरीजों की जांच और उन्हें ग्लूकोज चढ़ाया। अधिक बीमार सात लोगों को 108 की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ये हैं अस्पताल में भर्ती
सीएमएस डॉ. वीके टम्टा ने बताया कि जिला अस्पताल में भवान सिंह (70) पुत्र दौलत सिंह, राजेंद्र सिंह (63) पुत्र दौलत सिंह, दीना देवी (38) पत्नी नंदन सिंह, इंद्रा देवी (30) पत्नी हरीश चंद्र सिंह, प्रिया (13) पुत्री नंदन सिंह, नेहा रावत (12) पुत्री दिनेश सिंह और गीतांजलि (03) पुत्री हरीश सिंह का इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
जिस बच्ची का निधन हुआ है वह कई दिनों से बुखार से भी पीड़ित थी। लोगों की बीमारी का कारण प्राकृतिक स्रोत का पानी हो सकता है। पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ होगी। इलाज के बाद सभी मरीजों की हालत मे काफी सुधार है। - डॉ. पीएस जंगपांगी, प्रभारी सीएमओ बागेश्वर।
स्वास्थ्य विभाग करेगा गांवों में सर्वे, नौले की होगी सफाई
बागेश्वर। काफलीगैर तहसील के सिया गांव में एक साथ 16 लोगों के बीमार होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। बीमार होने के बाद भी लोगों का अस्पताल नहीं जाना अधिक चिंतित करने वाला है। स्वास्थ्य विभाग ने एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को क्षेत्र के सभी गांवों में बीमारी का आकलन करने के लिए सर्वे करने के निर्देश दे दिए हैं। वहीं बीमारी का कारण स्रोत का पानी होने की बात सामने आने के बाद जिला पंचायत सदस्य चंदन सिंह रावत ने नौले की सफाई करवाने की बात कही है।
सिया गांव के बीमार लोग एक ही मोहल्ले के रहने वाले हैं और तीन-चार दिनों से बीमार बताए जा रहे हैं। कुछ लोगों को बुखार था तो किसी को डायरिया की शिकायत थी। हालांकि किसी ने भी चिकित्सक से जांच नहीं कराई। मामला तब सामने आया जब शुक्रवार की सुबह पांच साल की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची को बृहस्पतिवार की रात से दस्त और उल्टी की शिकायत हुई और नींद में ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मय एंबुलेंस और दवाइयों के गांव पहुंची।
प्रभारी सीएमओ डॉ. पीएस जंगपांगी ने बीमार लोगों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने को कहा लेकिन ग्रामीण नहीं माने। आखिरकार ग्लूकोज चढ़ाने और दवा वितरण के बाद डॉक्टर की टीम लौट गई। शुक्रवार की रात को कुछ बीमार लोगों की हालत अधिक खराब होने पर परिवार वालों ने स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया। शनिवार की सुबह एंबुलेंस भेजकर सात मरीजों को जिला अस्पताल लाया गया।
अब तक नहीं गया, अब भी नहीं जाऊंगा अस्पताल
बागेश्वर। प्रभारी सीएमओ डॉ. पीएस जंगपांगी ने बताया कि बीमारी से अधिक चिंता लोगों का अस्पताल नहीं जाना है। बीमार लोगों में 70 साल के एक बुजुर्ग अस्पताल नहीं जाने पर अड़ गए। उनका कहना था कि वह आज तक अस्पताल नहीं गए, अब भी नहीं जाएंगे। इसके बाद गांव में लोगों का इलाज करना पड़ा। हालांकि शनिवार को वही बुजुर्ग अस्पताल में भर्ती कराए गए। प्रभारी सीएमओ ने कहा कि इन दिनों बीमारियां बढ़ रही हैं, ऐसे में लोगों को बीमार होते ही अस्पताल आकर जांच करानी चाहिए।
सोमेश्वर : बच्चों में तेजी से फैल रहा चिकन पॉक्स
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। मौसम के बदलाव के चलते चिकन पॉक्स ने सोमेश्वर तहसील में पैर पसारना शुरू कर दिए हैं। बच्चों पर इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। जिला अस्पताल में चिकन पॉक्स ग्रसित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। चिकित्सकों ने चिकन पॉक्स से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ताकुला सुधीर गुप्ता ने बताया कि अभी तक चिकन पॉक्स के दो से तीन मामले आए हैं। उन्होंने बताया कि यह एक से दूसरे में फैलने वाली बीमारी है। डॉ आनंद तिवारी ने बताया कि ये संक्रमण बच्चों को तेजी से प्रभावित करता है। चार और पांच दिन बाद शरीर में छोटे-छोटे फफोले हो जाते हैं। नियमित इलाज कराने से मरीज जल्दी ठीक हो जाता है। सोमेश्वर तहसील के अर्जुनराठ, पल्यूडा, हत्युडा आदि इलाकों के प्रभावित मरीजों का इलाज जिला अस्पताल में कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी मरीज इलाज के लिए अस्पताल आ रहे हैं।
चिकन पॉक्स एक संक्रमित बीमारी है। इसमे साफ सफाई का विशेष ध्यान दें। पौष्टिक भोजन करें। चिकित्सक की सलाह पर दवाएं करें। - डॉ. मनीष पंत, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल अल्मोड़ा।
विज्ञापन
जिले में बेमौसम बारिश से बीमारियां बढ़ने लगी हैं। सिया गांव में कई परिवार डायरिया और उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए हैं। ग्रामीण हरीश चंद्र सिंह पांच साल की बेटी निकिता की बीमारी से मौत हो गई। बच्ची की मौत की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। प्रभारी सीएमओ डॉ. पीएस जंगपांगी डॉक्टर की टीम के साथ गांव गए। डॉ. आरएस टोलिया, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. रवि श्रीवास्तव और फार्मासिस्ट शिवराज सिंह ने मरीजों की जांच और उन्हें ग्लूकोज चढ़ाया। अधिक बीमार सात लोगों को 108 की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन
ये हैं अस्पताल में भर्ती
सीएमएस डॉ. वीके टम्टा ने बताया कि जिला अस्पताल में भवान सिंह (70) पुत्र दौलत सिंह, राजेंद्र सिंह (63) पुत्र दौलत सिंह, दीना देवी (38) पत्नी नंदन सिंह, इंद्रा देवी (30) पत्नी हरीश चंद्र सिंह, प्रिया (13) पुत्री नंदन सिंह, नेहा रावत (12) पुत्री दिनेश सिंह और गीतांजलि (03) पुत्री हरीश सिंह का इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
जिस बच्ची का निधन हुआ है वह कई दिनों से बुखार से भी पीड़ित थी। लोगों की बीमारी का कारण प्राकृतिक स्रोत का पानी हो सकता है। पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ होगी। इलाज के बाद सभी मरीजों की हालत मे काफी सुधार है। - डॉ. पीएस जंगपांगी, प्रभारी सीएमओ बागेश्वर।
स्वास्थ्य विभाग करेगा गांवों में सर्वे, नौले की होगी सफाई
बागेश्वर। काफलीगैर तहसील के सिया गांव में एक साथ 16 लोगों के बीमार होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। बीमार होने के बाद भी लोगों का अस्पताल नहीं जाना अधिक चिंतित करने वाला है। स्वास्थ्य विभाग ने एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को क्षेत्र के सभी गांवों में बीमारी का आकलन करने के लिए सर्वे करने के निर्देश दे दिए हैं। वहीं बीमारी का कारण स्रोत का पानी होने की बात सामने आने के बाद जिला पंचायत सदस्य चंदन सिंह रावत ने नौले की सफाई करवाने की बात कही है।
सिया गांव के बीमार लोग एक ही मोहल्ले के रहने वाले हैं और तीन-चार दिनों से बीमार बताए जा रहे हैं। कुछ लोगों को बुखार था तो किसी को डायरिया की शिकायत थी। हालांकि किसी ने भी चिकित्सक से जांच नहीं कराई। मामला तब सामने आया जब शुक्रवार की सुबह पांच साल की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची को बृहस्पतिवार की रात से दस्त और उल्टी की शिकायत हुई और नींद में ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मय एंबुलेंस और दवाइयों के गांव पहुंची।
प्रभारी सीएमओ डॉ. पीएस जंगपांगी ने बीमार लोगों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने को कहा लेकिन ग्रामीण नहीं माने। आखिरकार ग्लूकोज चढ़ाने और दवा वितरण के बाद डॉक्टर की टीम लौट गई। शुक्रवार की रात को कुछ बीमार लोगों की हालत अधिक खराब होने पर परिवार वालों ने स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया। शनिवार की सुबह एंबुलेंस भेजकर सात मरीजों को जिला अस्पताल लाया गया।
अब तक नहीं गया, अब भी नहीं जाऊंगा अस्पताल
बागेश्वर। प्रभारी सीएमओ डॉ. पीएस जंगपांगी ने बताया कि बीमारी से अधिक चिंता लोगों का अस्पताल नहीं जाना है। बीमार लोगों में 70 साल के एक बुजुर्ग अस्पताल नहीं जाने पर अड़ गए। उनका कहना था कि वह आज तक अस्पताल नहीं गए, अब भी नहीं जाएंगे। इसके बाद गांव में लोगों का इलाज करना पड़ा। हालांकि शनिवार को वही बुजुर्ग अस्पताल में भर्ती कराए गए। प्रभारी सीएमओ ने कहा कि इन दिनों बीमारियां बढ़ रही हैं, ऐसे में लोगों को बीमार होते ही अस्पताल आकर जांच करानी चाहिए।
सोमेश्वर : बच्चों में तेजी से फैल रहा चिकन पॉक्स
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। मौसम के बदलाव के चलते चिकन पॉक्स ने सोमेश्वर तहसील में पैर पसारना शुरू कर दिए हैं। बच्चों पर इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। जिला अस्पताल में चिकन पॉक्स ग्रसित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। चिकित्सकों ने चिकन पॉक्स से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ताकुला सुधीर गुप्ता ने बताया कि अभी तक चिकन पॉक्स के दो से तीन मामले आए हैं। उन्होंने बताया कि यह एक से दूसरे में फैलने वाली बीमारी है। डॉ आनंद तिवारी ने बताया कि ये संक्रमण बच्चों को तेजी से प्रभावित करता है। चार और पांच दिन बाद शरीर में छोटे-छोटे फफोले हो जाते हैं। नियमित इलाज कराने से मरीज जल्दी ठीक हो जाता है। सोमेश्वर तहसील के अर्जुनराठ, पल्यूडा, हत्युडा आदि इलाकों के प्रभावित मरीजों का इलाज जिला अस्पताल में कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी मरीज इलाज के लिए अस्पताल आ रहे हैं।
चिकन पॉक्स एक संक्रमित बीमारी है। इसमे साफ सफाई का विशेष ध्यान दें। पौष्टिक भोजन करें। चिकित्सक की सलाह पर दवाएं करें। - डॉ. मनीष पंत, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल अल्मोड़ा।