अधिवक्ता हत्याकांड का खुलासा: चारपाई के नीचे छिपाया शव, फिर कार से नदी में फेंका; महिला और उसका भाई गिरफ्तार
बागेश्वर के चर्चित अधिवक्ता एवं पूर्व सभासद धीरेंद्र परिहार हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए महिला आरोपी लता भंडारी और उसके भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू को गिरफ्तार कर लिया।
विस्तार
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17 दिनों से लापता वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सभासद धीरेंद्र परिहार हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले में संविदाकर्मी महिला लता भंडारी (42) पत्नी स्व. मोहित भंडारी, निवासी नुमाईशखेत और उसके भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू (39), निवासी कठायतबाड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मंगलवार की देर शाम नदीगांव रोड स्थित डिगर पातल की गहरी खाई से मृतक का सड़ी-गली अवस्था में शव, हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और प्रयुक्त कार यूके 02 बी 3843 बरामद कर ली है।
एसपी जितेंद्र मेहरा ने बताया कि 17 अक्तूबर की रात अधिवक्ता शराब के नशे में लता भंडारी के घर पहुंचे और जबरदस्ती करने लगे। विरोध में लता ने लोहे की रॉड से उनके सिर पर दो वार कर दिए जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अगले दिन महिला ने अपने भाई की मदद से शव को कार से ले जाकर थुणाई बैंड के समीप डिगर पातल की गहरी खाई में फेंक दिया। पुलिस ने मामले में हत्या, हत्या के साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र के तहत प्राथमिकी दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। संवाद
प्रेम संबंधों में दूरी... जबरदस्ती का विरोध और खौफनाक अंत
चर्चित अधिवक्ता और पूर्व सभासद धीरेंद्र परिहार हत्याकांड का पुलिस ने बुधवार को खुलासा करते हुए सनसनीखेज पर्दाफाश किया है। एसपी जितेंद्र मेहरा के नेतृत्व में हुई कार्रवाई और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस हत्याकांड की परतें खुल गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि संबंधों में खटास और एक रात की दिल दहला देने वाली घटना ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी महिला लता भंडारी और अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार के बीच वर्ष 2020 में नजदीकियां बढ़ी थीं। वर्ष 2022 में अधिवक्ता की अत्यधिक शराब पीने की लत और अन्य कारणों से महिला ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। महिला ने उनका फोन नंबर भी ब्लॉक कर दिया था। इसके बावजूद विवाद और संपर्क का सिलसिला पूरी तरह थमा नहीं था। 17 अक्तूबर की रात अधिवक्ता अत्यधिक शराब के नशे में लता भंडारी के घर जा पहुंचा। महिला ने उसे एक बार वापस भी भेज दिया था लेकिन वह दोबारा नशे की हालत में वापस आ गया और आरोपी महिला के साथ जबरदस्ती करने लगा। विरोध करने पर उपजे गुस्से में महिला ने घर में रखी लोहे की रॉड से उसके सिर पर प्रहार कर दिया। सिर के पीछे गहरी चोट लगने से खून बहने लगा और अधिवक्ता सीढ़ियों से नीचे खिसकते हुए रात करीब 11 बजे दम तोड़ गया।
चारपाई के नीचे शव छिपाकर सास को मंदिर छोड़ा
हत्या की इस वारदात के बाद घबराई महिला ने उसी रात शव को अपनी चारपाई के नीचे छिपा दिया। अगली सुबह सामान्य दिखने की कोशिश करते हुए वह अपनी सास को भजन-कीर्तन के लिए चंडिका मंदिर छोड़कर आई। इसके बाद 18 अक्तूबर को वह अपने मायके कठायतबाड़ा पहुंची। अपने भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू से उसका विशेष लगाव था, इसलिए फोन पर बात करने के बजाय उसने आमने-सामने अपनी व्यथा बताते हुए भाई से कहा कि अगर तूने मेरी मदद नहीं की, तो मैं फांसी लगाकर मर जाऊंगी।
भाई की मदद से ऐसे ठिकाने लगाया शव
बहन की गुहार पर भाई त्रिभुवन उसकी मदद के लिए तैयार हुआ। योजना के तहत 18 और 19 अक्तूबर की रात करीब दो से तीन बजे के बीच आरोपी भाई अपनी कार लेकर पहुंचा। उन्होंने नगर के बाहर-बाहर मंडलसेरा बाईपास से आरे बाईपास होते हुए द्यांगण बाईपास के रास्ते शव को थुणाई पहुंचाया और वहां से गोमती नदी व गहरी खाई में फेंक दिया। बीते 31 अक्तूबर को जब मृतक की मां नंदी परिहार ने कोतवाली में गुमशुदगी की तहरीर दी और पुलिस की सुरागरसी तेज हुई, तो महिला को इसकी भनक लग गई। बचने के लिए आरोपियों ने अपने मोहल्ले के कई सीसीटीवी कैमरे आग के हवाले कर दिए। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी महिला और अधिवक्ता के बीच तनाव पुराना था। महिला पहले भी कई बार मृतक की ओर से परेशान किए जाने की मौखिक शिकायत पुलिस से कर चुकी थी। एक बार उसने लिखित शिकायत भी दी थी, जिसके बाद मामला माफीनामे पर सुलझ गया था। तंग आकर महिला ने इससे पहले एक बार सुसाइड नोट भी लिख लिया था जो इस पूरे जहरीले होते रिश्ते और मानसिक प्रताड़ना की कहानी बयां करता है।
रोती बिलखती बहन बोली- देख मम्मी, कक्कू आ गया
लंबे समय तक नदीगांव रोड स्थित डिगर पातल की गहरी खाई में पड़े रहने के कारण अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार का शव क्षत-विक्षत अवस्था में बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद जब बुधवार को परिहार का शव तल्ली बाजार स्थित आवास पर लाया गया तो वहां का माहौल अत्यंत हृदयविदारक और गमगीन हो गया। शव की स्थिति को देखते हुए सांत्वना देने पहुंचे परिजनों और स्थानीय लोगों के हाथों में अगरबत्तियां जल रही थीं और मुंह पर मास्क लगे हुए थे। जैसे ही शव घर के आंगन में रखा गया, परिजनों के सब्र का बांध टूट गया। रोते-बिलखते हुए बहन दीक्षा परिहार अपनी मां को संभालते हुए चीख उठीं...मम्मी, तुम इतने दिनों से परेशान थीं न... देख लो, कक्कू आ गया! इन दर्दभरे शब्दों को सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें छलक आईं। माता नंदी देवी, पिता गोविंद सिंह और भाई पंकज अंतिम दर्शन कर बेसुध से हो गए। उपस्थित लोगों और अधिवक्ताओं ने किसी तरह ढाढ़स बंधाते हुए शोक संतप्त परिवार को संभाला। सरयू गोमती के संगम पर स्थित घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
मामला सामने आते ही आरोपी महिला की सेवा समाप्त
मुख्य आरोपी लता भंडारी महिला एवं बाल विकास विभाग में संविदा/आउटसोर्स राष्ट्रीय पोषण अभियान की जिला समन्वयक के पद पर तैनात थीं। वह अगस्त 2022 से इस पद पर अपनी सेवाएं दे रही थीं। मामले का खुलासा होने और महिला के मुख्य आरोपी घोषित होते ही विभागीय स्तर पर भी तुरंत कड़ा एक्शन लिया गया है। डीपीओ डॉ. मंजुलता यादव ने बताया कि आरोपी महिला लता भंडारी के आपराधिक मामले में संलिप्त पाए जाने और पुलिस के गिरफ्तार किए जाने के तुरंत बाद उसे पद से हटा दिया गया है।