{"_id":"60f1d32b8ebc3e53ab7ccafc","slug":"demand-to-give-padma-shri-to-malda-who-made-6-80-lakh-plants-into-trees-in-35-years-bageshwar-news-hld431419946","type":"story","status":"publish","title_hn":"35 वर्षों में 6.80 लाख पौधों को पेड़ बनाने वाले मलड़ा को पद्मश्री देने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
35 वर्षों में 6.80 लाख पौधों को पेड़ बनाने वाले मलड़ा को पद्मश्री देने की मांग
विज्ञापन
बागेश्वर। वृक्ष पुरुष के नाम से प्रसिद्ध पर्यावरण संरक्षण के पुरोधा किशन सिंह मलड़ा को प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार देने को लेकर मुहिम छिड़ गई है। पर्यावरण संरक्षण का पर्याय बन चुके मलड़ा
35 वर्षों से धरती को हराभरा करने की मुहिम में जुटे हैं। वह अब तक 6.80 लाख पौधों को पेड़ बना चुके हैं।
जिला मुख्यालय के मंडलसेरा निवासी किशन सिंह मलड़ा ने वर्ष 1986 से पर्यावरण संरक्षण की मुहिम छेड़ रखी है। वह उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में पौधरोपण कर चुके हैं। मलड़ा न केवल वर्षभर पौधारोपण करते हैं बल्कि लोगों और विभिन्न संस्थानों को निशुल्क पौधे भी उपलब्ध कराते हैं। पौधरोपण को धरती माता की सेवा मानने वाले मलड़ा का संपूर्ण जीवन पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित हो गया है। उनके समर्पण का असर है कि उनके पास विदेशों से भी शोधार्थी शोध के लिए पहुंचते हैं।
यही कारण है कि जिले के प्रबुद्ध नागरिकों और संगठनों ने वृक्ष पुरुष को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए मुहिम छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर स्ट्रॉ पोल डॉट कॉम में वृक्ष पुरुष मलड़ा को पद्मश्री पुरस्कार दिलाने के लिए वोटिंग कराई जा रही है। अब तक तमाम लोग पुरस्कार देने के पक्ष में वोटिंग कर चुके हैं।
विज्ञापन
सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के अंतरराष्ट्रीय सचिव/उत्तराखंड अधिवक्ता महासंघ के अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह भंडारी ने मलड़ा को पद्मश्री पुरस्कार का असली हकदार बताते हुए कहा है कि इसके लिए जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
एक जलस्रोत पुनर्जीवित किया, एक जलस्रोत विकसित
बागेश्वर। वृक्ष पुरुष मलड़ा के प्रयासों से सूख चुके मलड़ाखोला का जलस्रोत पुनर्जीवित हो चुका है। मलड़ा के पौधारोपण का ही प्रतिफल है कि धौलाणी में जंगल विकसित होने से एक नया जलस्रोत प्रस्फुटित हुआ है।
पीएम की अपील से मिला मुहिम को बल
बागेश्वर। हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जमीन से जुड़े लोगों का नाम प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए भेजने की अपील राज्यों से की है। लोगों की इस मुहिम को पीएम की अपील से भी बल मिला है। मलड़ा के पर्यावरण प्रेम को देखते हुए वर्ष 2018 में राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने उन्हें वृक्ष पुरुष की उपाधि से नवाजा था। मलड़ा के कार्यों को जून में तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की सराहना मिल चुकी है। लोगों को उम्मीद है कि राज्य सरकार मलड़ा का नाम पद्मश्री पुरस्कार के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजेगी। जिला प्रशासन भी राज्य सरकार को मलड़ा के नाम का प्रस्ताव भेजेगा।
विज्ञापन
35 वर्षों से धरती को हराभरा करने की मुहिम में जुटे हैं। वह अब तक 6.80 लाख पौधों को पेड़ बना चुके हैं।
जिला मुख्यालय के मंडलसेरा निवासी किशन सिंह मलड़ा ने वर्ष 1986 से पर्यावरण संरक्षण की मुहिम छेड़ रखी है। वह उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में पौधरोपण कर चुके हैं। मलड़ा न केवल वर्षभर पौधारोपण करते हैं बल्कि लोगों और विभिन्न संस्थानों को निशुल्क पौधे भी उपलब्ध कराते हैं। पौधरोपण को धरती माता की सेवा मानने वाले मलड़ा का संपूर्ण जीवन पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित हो गया है। उनके समर्पण का असर है कि उनके पास विदेशों से भी शोधार्थी शोध के लिए पहुंचते हैं।
विज्ञापन
यही कारण है कि जिले के प्रबुद्ध नागरिकों और संगठनों ने वृक्ष पुरुष को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए मुहिम छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर स्ट्रॉ पोल डॉट कॉम में वृक्ष पुरुष मलड़ा को पद्मश्री पुरस्कार दिलाने के लिए वोटिंग कराई जा रही है। अब तक तमाम लोग पुरस्कार देने के पक्ष में वोटिंग कर चुके हैं।
विज्ञापन
सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के अंतरराष्ट्रीय सचिव/उत्तराखंड अधिवक्ता महासंघ के अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह भंडारी ने मलड़ा को पद्मश्री पुरस्कार का असली हकदार बताते हुए कहा है कि इसके लिए जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
एक जलस्रोत पुनर्जीवित किया, एक जलस्रोत विकसित
बागेश्वर। वृक्ष पुरुष मलड़ा के प्रयासों से सूख चुके मलड़ाखोला का जलस्रोत पुनर्जीवित हो चुका है। मलड़ा के पौधारोपण का ही प्रतिफल है कि धौलाणी में जंगल विकसित होने से एक नया जलस्रोत प्रस्फुटित हुआ है।
पीएम की अपील से मिला मुहिम को बल
बागेश्वर। हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जमीन से जुड़े लोगों का नाम प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए भेजने की अपील राज्यों से की है। लोगों की इस मुहिम को पीएम की अपील से भी बल मिला है। मलड़ा के पर्यावरण प्रेम को देखते हुए वर्ष 2018 में राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने उन्हें वृक्ष पुरुष की उपाधि से नवाजा था। मलड़ा के कार्यों को जून में तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की सराहना मिल चुकी है। लोगों को उम्मीद है कि राज्य सरकार मलड़ा का नाम पद्मश्री पुरस्कार के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजेगी। जिला प्रशासन भी राज्य सरकार को मलड़ा के नाम का प्रस्ताव भेजेगा।