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पालिका बोर्ड का पहला ही फैसला व्यापारियों ने किया खारिज
Tue, 05 Feb 2019 11:02 PM IST
दीपक नेगी
ब्यूरो/अमर उजाला/बागेश्वर
ब्यूरो/अमर उजाला/बागेश्वर
Published by: दीपक नेगी
Updated Tue, 05 Feb 2019 11:02 PM IST
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बागेश्वर में ईओ राजदेव जायसी को ज्ञापन सौंपते व्यापारी।
- फोटो : अमर उजाला
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नगर पालिका की पहली बोर्ड बैठक का फैसला व्यापारियों को मंजूर नहीं है। व्यापार शुल्क का दायरा बढ़ाने पर इन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है। पालिका ने अपनी आय बढ़ाने के लिए यह फैसला किया था। पूर्व पालिकाध्यक्ष ने भी इसी तरह का फैसला किया था और व्यापारियों के विरोध के चलते उस समय पालिका को कदम वापस खींचने पड़े थे।
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मंगलवार को प्रांतीय व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह नेगी के नेतृत्व में दर्जनों व्यापारी नगर पालिका पहुंचे। यहां उन्होंने ईओ राजदेव जायसी को ज्ञापन सौंपकर कहा कि व्यापारियों पर अनावश्यक शुल्क वसूलना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्व पालिकाध्यक्ष ने भी शुल्क वसूलने का फैसला किया था जिसे व्यापारियों के विरोध के चलते वापस लिया गया। उन्होंने पालिका से अनावश्यक शुल्क नहीं लगाने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि पालिका ने फैसला वापस नहीं लिया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में हरीश सोनी, देवेंद्र अधिकारी, नवीन रावल, हरीश लाल साह, आलोक साह आदि शामिल थे।
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सोमवार को पालिका की पहली बोर्ड में व्यापार शुल्क के दायरे में विस्तार का फैसला किया था। पालिका ने तय किया था कि हर व्यापारी से शुल्क लिया जाएगा और शुल्क निर्धारण के लिए समिति भी गठित की थी।
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पहले 24 ट्रेड ही थे कर के दायरे में
बागेश्वर। पूर्व में महज 24 ट्रेड ही व्यापार शुल्क के दायरे में थे। बोर्ड के फैसले के बाद ब्यूटी पार्लर, कंप्यूटर सेंटर, कोचिंग सेंटर, बारात घर, होटल और मोबाइल टावर समेत समेत छह ट्रेड और बढ़ जाएंगे। इस तरह कुल 30 ट्रेड से पालिका को आय होगी। इधर पुराने कारोबारियों से महज 1.50 लाख रुपये ही सालाना प्राप्त होते थे। इस फैसले के बाद यह आय करीब आठ लाख रुपये तक बढ़ सकती है। अभी शुल्क का निर्धारण होना है।