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परोपकारी हों पुरुषार्थ : चेतनानंद
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/बागेश्वर
Updated Fri, 05 Jun 2015 12:10 AM IST
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उतरौड़ा गांव में आयोजित संगीतमय भागवत कथा सुनने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। कथा वाचक स्वामी चेतनानंद महाराज ने कहा कि धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष पुरुषार्थ हैं। इनकी प्राप्ति के लिए लोगों का परोपकारी होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्राणियों पर जब भी संकट आता है तो आदि शक्ति भगवती हमेशा साथ रहकर उनकी रक्षा करती हैं।
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देवी एक हैं लेकिन उनके अनेक स्वरूप हैं। माता के सभी रूप परम सुख देने वाले हैं। उन्होंने लोगों से तामस से दूर रहने को कहा। अनुष्ठानस्थल पर श्रद्धालुओं ने देर रात तक लाल लाल चुनरी ओढ़े मैया, प्यारा सजा तेरा दरबार... समेत अनेक मनभावन भजनों का गायन किया।
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पंडित केदार दत्त जोशी, केवलानंद जोशी, पूरन चंद्र जोशी ने श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा। पंडित गणेश दत्त पांडे ने पंचांगी कर्म, दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। रमेश पाठक, हरीश चंद्र पांडे, गोपाल दत्त जोशी, पीतांबर पांडे, ललित मोहन जोशी, विपिन चंद्र जोशी, कांतिबल्लभ जोशी, डब्बू पाठक थे।
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