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पोथिंग में पंचमी, बदियाकोट में अष्टमी तक चलेगा नंदा महोत्सव

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 29 Aug 2022 11:48 PM IST
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Cultural activities are on Full swing In Bageshwar
बदियाकोट में नंदा महोत्सव के लिए ब्रह्मकमल लाने के लिए नंदाकुंड रवाना होते देवडांगर और श्रद्धा? - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। नंदा महोत्सव का जिले में विधिविधान से शुभारंभ हो गया है। कपकोट तहसील के विभिन्न भगवती मंदिरों में नंदा महोत्सव के पांच और आठ दिनी पूजा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर लोगों में गजब का उत्साह है। नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी महोत्सव में शिरकत करने के लिए गांव पहुंच रहे हैं।
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नंदाष्टमी महोत्सव के प्रमुख आयोजन स्थल में से एक पोथिंग में इस बार पंचमी तक पूजा का आयोजन किया जाएगा जबकि बदियाकोट, वैछम और कर्मी में आठ्यों यानी अष्टमी को महोत्सव संपन्न होगा।
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हिमालयी क्षेत्र बदियाकोट, वैछम और कर्मी में होने वाली नंदाष्टमी महोत्सव का मुख्य आकर्षण मां भगवती को अर्पित किया जाने वाला ब्रह्मकमल होता है। बर्फ से ढके नंदाकुंड, देवीकुंड सहित अन्य बुग्यालों से ढोल-नगाड़े के साथ ब्रह्मकमल को श्रद्धालु लेकर आते हैं और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां भगवती को अर्पित करते हैं।
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आदी बद्री मां भगवती मंदिर बदियाकोट से श्रद्धालु ब्रह्मकमल लाने प्रस्थान कर गए हैं, जबकि कर्मी और वैछम से 30 अगस्त को श्रद्धालु रवाना होंगे। पोथिंग के भगवती मंदिर में इस वर्ष पंचमी तक नंदा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जिसकी शुरुआत गेहूं भराई, मंदिर की सफाई के साथ 28 अगस्त को हुई। अन्य मंदिरों में भी गेहूं भरने और साफ-सफाई के साथ पूजा का शुभारंभ हुआ।

लोक संस्कृति और पारंपरिक परिधानों का संगम
बागेश्वर। नंदा महोत्सव को लेकर जहां क्षेत्रवासियों में अगाध आस्था है, वहीं लोक संस्कृति और वेशभूषा के संरक्षण में भी इस पर्व का अहम योगदान रहता है। हिमालयी क्षेत्र से कड़े नियमों का पालन कर ब्रह्मकमल लाने से लेकर पूजा करने तक श्रद्धालु पल-पल भक्ति में लीन रहते हैं। महोत्सव के दौरान बुजुर्ग महिलाएं उन पारंपरिक परिधानों को धारण करती हैं, जो आमतौर पर देखने को नहीं मिलती हैं। महोत्सव के दौरान मां भगवती की आराधना में गाई जाने वाली चांचरी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होती है। बदियाकोट हो या पोथिंग, कर्मी हो या वैछम सभी मंदिरों में चांचरी गायन के दौरान क्षेत्रवासी उत्साह के साथ भागीदारी करते हैं। संवाद
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