पुलिस को नहीं मिला दुराचार का आरोपी प्रेमी
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कांडा तहसील निवासी युवती से दुराचार का आरोपी आईटीबीपी का जवान पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका। कोतवाल हरक सिंह फिरमाल ने बताया कि युवती की मेडिकल रिपोर्ट में जोर जबरदस्ती के निशान नहीं मिले हैं। युवती के बालिग होने के कारण फिलहाल आरोप की पुष्टि नहीं हो सकी है।
कोतवाल हरक सिंह फिरमाल ने बताया कि बेड़ीनाग (पिथौरागढ़) के खनात गरखेत गांव निवासी 25 वर्षीय हृदयेश टम्टा का कांडा तहसील निवासी 20 साल की सजातीय युवती के साथ सात माह पूर्व फेसबुक पर परिचय हुआ।
दोनों के बीच फेसबुक पर संवाद होता रहता था। हृदयेश आईटीबीपी 51वीं बटालियन में चंडीगढ़ में कार्यरत है। दशहरे की रामलीला के दौरान वह छुट्टी पर घर आया। और युवती से मिलने पहुंचा।
दोनों के बीच पहली बार यहां रामलीला के दौरान मुलाकात हुई। दोनों अविवाहित होने के कारण उनमें शादी की भी सहमति बन चुकी थी। इसके बाद दो दिसंबर को हृदयेश फिर से उससे मिलने कांडा आया। इसके साथ ही दोनों में तकरार हो गई। जिस पर युवती ने उसके खिलाफ यहां कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।
हृदयेश उसे अपनी बाइक से कमेड़ी देवी के जंगल में ले गया। यहां उसने दुराचार किया। कोतवाली में हृदयेश के खिलाफ धारा 366, 376, 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है। कोतवाल ने बताया कि नामजद युवक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी गई, लेकिन वह हाथ नहीं आया।
अब गिरफ्तारी के लिए एक टीम बेड़ीनाग भेजी गई है। कोतवाल के अनुसार शनिवार को यहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रमणी राय ने युवती के कलमबंद बयान लिए। पुलिस ने भी पूछताछ की। युवती ने प्रेम प्रसंग की पुष्टि की, साथ ही शादी का झांसा देकर दुराचार का आरोप लगाया।