फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   हत्यारोपी ससुरालियों को पुलिस का अभयदान

हत्यारोपी ससुरालियों को पुलिस का अभयदान

Sat, 13 Oct 2018 12:00 AM IST
Updated Sat, 13 Oct 2018 12:00 AM IST
विज्ञापन
हत्यारोपी ससुरालियों को पुलिस का अभयदान
बागेश्वर। झिरौली में विवाहिता की संदिग्ध मौत मामले में मायका पक्ष ने पुलिस पर हत्यारोपी ससुरालियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। विवाहिता की मौत और मुकदमे के एक माह बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किए गए हैं। तमाम अनसुलझे सवालों के बीच पुलिस जांच कठघरे में आ गई है। मायका पक्ष ने पुलिस पर जांच में ढिलाई, सबूतों को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया है।
विज्ञापन


नौ सितंबर को झिरौली निवासी विवाहिता नीमा जोशी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मामले में मायका पक्ष ने पति समेत पांच ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाया था। शिकायत पर पुलिस ने पांचों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया मगर कुछ दिन पहले जांच अधिकारी ने मामला आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में बदल दिया। जबकि अभी तक न तो विसरा रिपोर्ट आई है न ही तथाकथित सुइसाइड नोट की फोरेंसिक रिपोर्ट आई है। इतना ही नहीं, जांच में आरोपी ननद और बहनोई को जांच में क्लीन चिट देकर बाहर कर दिया गया है।
विज्ञापन


आज से एसपी दफ्तर में शुरू होगा धरना
बागेश्वर। हत्यारोपी ससुरालियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज पीड़ित पक्ष शनिवार से बागेश्वर के एसपी दफ्तर के समक्ष बेमियादी धरने पर बैठेगा। गिरफ्तारी तक धरना जारी रहेगा। पीड़ित पक्ष ने आंदोलन के लिए अल्मोड़ा के कराला गांववासियों को लामबंद करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नीमा का मायका कराला गांव में था। शादी के तुरंत बाद उत्पीड़न से आजिज नीमा वापस मायका लौट आई थीं। 11 साल पति से अलग रहने के बाद और मौत से 27 दिन पहले ही मृतका वापस ससुराल लौटी थीं। मृतका के भाई गणेश जोशी और मनोज जोशी ने बताया कि पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा। परिजन रविवार को बागेश्वर दौरे पर आ रहीं राज्यपाल से भी फरियाद करेंगे। मामले में शीघ्र ही पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री से भी मिलेगा।ब्यूरो

पुलिस जांच पर उठे सवाल
- मृतका ने खुद विषपान किया तो कहां गई जहर की शीशी
- विषपान के बाद ससुरालियों ने मृतका के कपड़े क्यों बदले
- पांच दिनों तक सामने क्यों नहीं आया मृतका का सुसाइड नोट
- बिना विसरा और फोरेंसिक जांच कैसे बदली हत्या की धारा
- आत्महत्या को उकसाने की पुष्टि के बाद भी क्यों नहीं हुई गिरफ्तारी
- पुलिस जांच में स्वतंत्र गवाहों के अब तक क्यों नहीं हुए बयान
- घटनास्थल से अबतक क्यों नहीं जुटाए गए सबूत
- अबतक मृतका का फोन क्यों नहीं बरामद किया गया
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed