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हत्या का मामला आत्महत्या में बदला
Updated Wed, 03 Oct 2018 11:29 PM IST
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बागेश्वर। झिरौली में विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने केस को हत्या से आत्महत्या के मामले में तरमीम (बदल) कर दिया है। अब पति, सास, देवर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आधार पर मामले की विवेचना की जा रही है। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट को देखे बिना मामले में तरमीम करने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
नौ सितंबर को झिरौली निवासी नीमा जोशी की संदिग्ध परिस्थितियों के बीच मौत हो गई थी। मायके पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति समेत पांच आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज किया था। तीन सप्ताह चली जांच के बाद भी पुलिस हत्या के ठोस सबूत जुटाने में विफल रही। सीओ एमसी जोशी ने बताया कि जांच में आरोपियों के खिलाफ हत्या के सबूत नहीं मिले। जांच में सामने आया कि मृतका ने खुद जहर खाकर जान दी थी। ससुरालियों का उत्पीड़न इसका कारण रहा। सीओ ने बताया कि अब पति, सास और देवर के खिलाफ उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने के आधार पर मामले की विवेचना की जाएगी।
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अभी फोरेंसिक रिपोर्ट नहीं आई है। पुलिस के पास इस सवाल का भी जवाब नहीं है कि बिसरा और फोरेंसिक रिपोर्ट आए बिना जांच का रुख पलटने की क्या जल्दी थी। यह तब है जबकि पुलिस ने सुसाइड नोट और बिसरा को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा हुआ है। मृतका के भाई गणेश जोशी का कहना है कि मायके वाले एसपी से मिलकर अपनी बात रखेंगे।
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