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Bageshwar News: सत्र न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को रखा बरकरार
Sat, 21 Oct 2023 12:56 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 21 Oct 2023 12:56 AM IST
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बागेश्वर। सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने निचली अदालत से सुनाई गई सजा को बरकरार रखते हुए आरोपी की ओर से फैसले के खिलाफ की गई अपील को खारिज किया।
कथानक के अनुसार 24 जुलाई 2020 को बागेश्वर डाकखाने के उप मंडलीय निरीक्षक डीएस पांगती ने कपकोट थाने में कपकोट डाकखाने के तत्कालीन कार्यवाहक उप डाकपाल दान सिंह निवासी मिकिला खलपट्टा के खिलाफ तहरीर दी। तहरीर में बताया गया कि आरोपी की ओर से पांच और छह जुलाई 2016 को उप डाकपाल का चार्ज संभालते हुए 24 आरडी खातों में जमा रकम 4,66,863 रुपये का दुर्विनियोग किया गया। तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 409 के तहत केस दर्ज किया।
अवर न्यायालय ने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी पाते हुए तीन साल के कारावास और 25,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। फैसले के खिलाफ आरोपी ने सत्र न्यायालय में अपील की। सत्र न्यायालय ने फैसले को विधिसम्मत मानते हुए बरकरार रखने का आदेश पारित किया। राज्य की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला ने की। संवाद
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कथानक के अनुसार 24 जुलाई 2020 को बागेश्वर डाकखाने के उप मंडलीय निरीक्षक डीएस पांगती ने कपकोट थाने में कपकोट डाकखाने के तत्कालीन कार्यवाहक उप डाकपाल दान सिंह निवासी मिकिला खलपट्टा के खिलाफ तहरीर दी। तहरीर में बताया गया कि आरोपी की ओर से पांच और छह जुलाई 2016 को उप डाकपाल का चार्ज संभालते हुए 24 आरडी खातों में जमा रकम 4,66,863 रुपये का दुर्विनियोग किया गया। तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 409 के तहत केस दर्ज किया।
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अवर न्यायालय ने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी पाते हुए तीन साल के कारावास और 25,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। फैसले के खिलाफ आरोपी ने सत्र न्यायालय में अपील की। सत्र न्यायालय ने फैसले को विधिसम्मत मानते हुए बरकरार रखने का आदेश पारित किया। राज्य की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला ने की। संवाद
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