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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Coolie labor movement was triggered by the arrest of Mohan Mehta

मोहन मेहता की गिरफ्तारी से भड़का था कुली बेगार आंदोलन

Sat, 28 Nov 2015 01:16 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, गरुड़ (बागेश्वर)।
ब्यूरो /अमर उजाला, गरुड़ (बागेश्वर)। Updated Sat, 28 Nov 2015 01:16 AM IST
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 दिवंगत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और बागेश्वर के पूर्व विधायक मोहन सिंह मेहता कुली बेगार आंदोलन में सबसे पहले गिरफ्तार हुए थे। ग्राम देवनाई निवासी किशन राणा ने मेहता के योगदान पर शोध कार्य किया है। इसके लिए मेहता को कुमाऊं विश्वविद्यालय ने पीएचडी की उपाधि प्रदान की है।

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ब्रिटिश हुकूमत के समय विकास खंड गरुड़ के स्याली गांव निवासी पूर्व विधायक मोहन सिंह मेहता ने कुली बेगार प्रथा का विरोध किया था। इसलिए अंग्रेज शासकों ने सबसे पहले मोहन को जेल भेजा था। जिसके विरोध में कई जिलों में कुली बेगार आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया और क्षेत्र के लोगों ने अंग्रेजों का सामान मुफ्त में ढोने से मना कर दिया था।
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इसलिए देवनाई के राणा ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रो. गिरिजा पांडे के निर्देशन में मेहता पर शोध किया। अब शोध पूरा होने पर कुविवि ने राणा को पीएचडी की उपाधि प्रदान की है। मेहता के नाम पर बैजनाथ में मोहन सिंह मेहता सीएचसी संचालित है। 

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