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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Committee to investigate medicines thrown in Gandhara

गधेरे में फेंकी गई दवाओं की जांच करेगी कमेटी

Tue, 13 Jun 2017 10:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर। Updated Tue, 13 Jun 2017 10:31 PM IST
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गधेरे में फेंकी गई सरकारी सप्लाई की दर्द निवारक ऑइंटमेंट की पेटियों के मामले में सीएमओ ने गंभीर रुख अपनाया है। उन्होंने मामले में जांच कमेटी गठित करने की बात कही है। बैज नंबर के आधार पर दवा फेंकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों का पता लग जाएगा।

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बता दें कि सोमवार को निमेसुलाइड पेनलेस जेल की आधा दर्जन से अधिक पेटियां गधेरे में पड़ी मिली थी। लोगों की सूचना पर सीएमओ ने जब ऑइंटमेंट को जांच के लिए मंगाया तो इन पेटियों के अंदर मौजूद ऑइंटमेंट पर ओनली गवर्नमेंट सप्लाई और नॉट फॉर सेल लिखा हुआ था। हजारों मूल्य की दवाएं वर्ष 2016 में ही एक्सपायर हो चुकी थीं। 
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इधर, मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ. शैलजा भट्ट ने बताया कि दवाओं को इस तरह से नहीं फेंका जा सकता। इसके लिए कमेटी का गठन कर जांच कराई जाएगी कि दवा कहां के लिए थीं और इन्हें इस तरह से यहां क्यों फेंका गया है। बताया कि दवाओं पर लिखे गए बैज नंबर के आधार पर यह साफ हो जाएगा कि यह किस स्वास्थ्य केंद्र की सप्लाई है।  जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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एक्सपायर नहीं होने दी जाती हैं दवाएं
बागेश्वर। सीएमओ डॉ. शैलजा भट्ट ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता रहती है कि किसी भी दवा को एक्सपायर नहीं होने दिया जाए। यदि किसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्दी एक्सपायर होने वाली  दवाएं हैं तो वहां से उसे जिला अस्पताल को भेजा जाता है। इसी तरह से जिला अस्पताल में एक्सपायर होने वाली दवाओं को मेडिकल कॉलेज को भेजा जाएगा। ताकि दवा एक्सपायर होने के बजाय जरूरतमंद मरीजों को मिल सके। नियमानुसार सभी को यह प्रक्रिया अपनानी चाहिए। दवाओं को एक्सपायर होने का इंतजार करना और कूड़े की तरह फेंक देना गंभीर विषय है।


दवाओं की बर्बादी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
बागेश्वर। सरकारी सप्लाई की दवाओं की इस तरह से बर्बादी पर तमाम लोगों ने नाराजगी जताई है। कांग्रेस के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण और कांग्रेस नेता सज्जन लाल टम्टा ने कहा है कि एक ओर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बाहर से दवाएं लिखी जाती हैं। दूसरी ओर इस तरह से महंगी दवाओं को गधेरों में फेंका गया है। उन्होंने सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध होने वाली दवाओं की सप्लाई और वितरण की जांच करने के साथ ही डीएम से बागेश्वर में फेंकी गई दवाओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। 

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