{"_id":"6471006d60bf8dad190b4394","slug":"civic-aminities-people-face-problems-bageshwar-news-c-8-1-151349-2023-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: छेड़खानी प्रकरण की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: छेड़खानी प्रकरण की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
Sat, 27 May 2023 12:24 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 27 May 2023 12:24 AM IST
विज्ञापन
बागेश्वर। डिग्री कॉलेज के प्राध्यापक पर छात्रा के साथ छेड़खानी करने के आरोप में की गई जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग उठने लगी है। छात्रों ने उच्च शिक्षा निदेशक को ज्ञापन देकर आरोपी प्राध्यापक को दोबारा डिग्री कालेज में तैनात करने पर भी रोष जताया। जल्द मामले की जांच सार्वजनिक नहीं किए जाने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और अभाविप के जिला संयोजक सौरभ जोशी ने निदेशक प्रो. सीडी सूूंठा को ज्ञापन दिया। उन्होंने बताया कि प्राध्यापक पर छेड़खानी के आरोप लगने के बाद उन्हें संबद्ध कर दिया गया था। मामले की जांच के लिए उच्च शिक्षा ने कमेटी गठित की थी। अब तक जांच की प्रगति को लेकर कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि छह महीने बीत जाने के बावजूद पीड़ित को न्याय नहीं मिला है। मामले में प्राध्यापक को निर्दोष करार देने की भी चर्चा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अगर कमेटी ने कोई निर्णय लिया है तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। अगर जांच चल रही है तो प्राध्यापक को दोबारा डिग्री कॉलेज बागेश्वर में तैनात करना संवेदनहीनता को दर्शाता है। छात्रों ने मामले को गंभीरता से लेेेने और दोषी प्राध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने कमी मांग की है। इस मौके पर हरेंद्र दानू, योगेश जोशी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और अभाविप के जिला संयोजक सौरभ जोशी ने निदेशक प्रो. सीडी सूूंठा को ज्ञापन दिया। उन्होंने बताया कि प्राध्यापक पर छेड़खानी के आरोप लगने के बाद उन्हें संबद्ध कर दिया गया था। मामले की जांच के लिए उच्च शिक्षा ने कमेटी गठित की थी। अब तक जांच की प्रगति को लेकर कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि छह महीने बीत जाने के बावजूद पीड़ित को न्याय नहीं मिला है। मामले में प्राध्यापक को निर्दोष करार देने की भी चर्चा की जा रही है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अगर कमेटी ने कोई निर्णय लिया है तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। अगर जांच चल रही है तो प्राध्यापक को दोबारा डिग्री कॉलेज बागेश्वर में तैनात करना संवेदनहीनता को दर्शाता है। छात्रों ने मामले को गंभीरता से लेेेने और दोषी प्राध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने कमी मांग की है। इस मौके पर हरेंद्र दानू, योगेश जोशी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन