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संचार अव्यवस्था से कब मिलेगी आजादी
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संचार अव्यवस्था से कब मिलेगी आजादी
संचार क्रांति के इस युग में बागेश्वर के कई इलाके संचार विहीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है। देश ने इस अवधि में काफी तरक्की हासिल की है। संचार क्रांति के क्षेत्र में भी ऊंचाइयों को छुआ है। संचार क्रांति के इस युग में भी बागेश्वर जिले के कई इलाकों में इंटरनेट सेवा तो दूर फोन की घंटी तक नहीं घनघनाती।
देश में डिजिटल इंडिया का नारा गूंज रहा है लेकिन बागेश्वर जिले के चमोली और पिथौरागढ़ जिले की सीमा से सटे इलाके आज भी संचार विहीन हैं। गढ़वाल के चमोली जिले से सटे कुंवारी में आज तक फोन की घंटी नहीं घनघनाई। सीमा पर बसे इस गांव के लोग पुरातन जमाने की भांति संदेशों का आदान-प्रदान करने को मजबूर हैं। संचार सुविधा न होने से यह इलाका शेष जगत से कटा रहता है।
पिथौरागढ़ जिले की सीमा से सटे कीमू, गोगिना, रातिरकेटी, कालापैरकापड़ी समेत कई इलाकों के भी यही हाल हैं। इन इलाकों को आज तक संचार सुविधा नहीं मिल पाई। जबकि पिथौरागढ़ जिले के हिमालयी क्षेत्र से सटा नामिक गांव संचार सुविधा से जुड़ गया है। नामिक में लगे निजी कंपनी के मोबाइल टॉवर से बागेश्वर के सीमांत क्षेत्रों में भी सिग्नल पकड़ने लगे हैं। सीमांत के गांव लीती में बीएसएनएल का टॉवर लगा हुआ है लेकिन केवल टूजी सेवा काम करती है।
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कोट
शामा, लीती क्षेत्र को फोरजी सेवा प्रदान करने के लिए ओएफसी लाइन बिछ गई है। बरसात में ओएफसी को नुकसान पहुंचा है। ओएफसी से जुड़ने के बाद इस इलाके की संचार व्यवस्था में सुधार आएगा। फिलहाल नए टॉवर जिले में स्वीकृत नहीं हैं।
हेमंत जोशी जेटीओ बीएसएनएल बागेश्वर
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संचार क्रांति के इस युग में बागेश्वर के कई इलाके संचार विहीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है। देश ने इस अवधि में काफी तरक्की हासिल की है। संचार क्रांति के क्षेत्र में भी ऊंचाइयों को छुआ है। संचार क्रांति के इस युग में भी बागेश्वर जिले के कई इलाकों में इंटरनेट सेवा तो दूर फोन की घंटी तक नहीं घनघनाती।
देश में डिजिटल इंडिया का नारा गूंज रहा है लेकिन बागेश्वर जिले के चमोली और पिथौरागढ़ जिले की सीमा से सटे इलाके आज भी संचार विहीन हैं। गढ़वाल के चमोली जिले से सटे कुंवारी में आज तक फोन की घंटी नहीं घनघनाई। सीमा पर बसे इस गांव के लोग पुरातन जमाने की भांति संदेशों का आदान-प्रदान करने को मजबूर हैं। संचार सुविधा न होने से यह इलाका शेष जगत से कटा रहता है।
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पिथौरागढ़ जिले की सीमा से सटे कीमू, गोगिना, रातिरकेटी, कालापैरकापड़ी समेत कई इलाकों के भी यही हाल हैं। इन इलाकों को आज तक संचार सुविधा नहीं मिल पाई। जबकि पिथौरागढ़ जिले के हिमालयी क्षेत्र से सटा नामिक गांव संचार सुविधा से जुड़ गया है। नामिक में लगे निजी कंपनी के मोबाइल टॉवर से बागेश्वर के सीमांत क्षेत्रों में भी सिग्नल पकड़ने लगे हैं। सीमांत के गांव लीती में बीएसएनएल का टॉवर लगा हुआ है लेकिन केवल टूजी सेवा काम करती है।
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शामा, लीती क्षेत्र को फोरजी सेवा प्रदान करने के लिए ओएफसी लाइन बिछ गई है। बरसात में ओएफसी को नुकसान पहुंचा है। ओएफसी से जुड़ने के बाद इस इलाके की संचार व्यवस्था में सुधार आएगा। फिलहाल नए टॉवर जिले में स्वीकृत नहीं हैं।
हेमंत जोशी जेटीओ बीएसएनएल बागेश्वर