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पानी पास मगर नहीं बुझ रही प्यास
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बागेश्वर ने सेनौला धारे से पानी भरते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। पानी पास है लेकिन फिर भी लोगों की प्यास नहीं बुझ रही है। सदानीरा सरयू और गोमती के तट पर बसे बागेश्वर के लोगों को जिला गठन के 25 साल और राज्य बनने के 22 साल बाद भी पर्याप्त पानी नसीब हो पाया है।
करीब 30 हजार आबादी वाले बागेश्वर शहर को प्रतिदिन 5.52 मिलियन लीटर (एमएलडी) पानी की जरूरत है। विभिन्न योजनाओं से शहर को मात्र 3.02 एमएलडी पानी मिल रहा है। मानक से प्रतिदिन 2.50 एमएलडी पानी की कमी है। जिला मुख्यालय के लोग पेयजल के लिए प्राकृतिक जलस्रोतों, हैंडपंपों पर निर्भर हैं। सरयू और गोमती के तट पर बसे बागेश्वर नगर में में हैंडपंपों के साथ ही सेनौला, माघ के धारे और अन्य जलस्रोतों पर सुबह से देर शाम तक पानी के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है।
लगभग हर लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के वादा लोगों से किया जाता है। चुनाव में वादा करने वाले जनप्रतिनिधि आज तक बागेश्वर के लोगों के हलक तर नहीं कर सके। नगर के लिए करीब तीन एमएलडी की मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण हो रहा है। योजना का काम वर्ष 2021 में पूरा हो जाना चाहिए था। योजना का मुख्य टैंक नहीं बनने से योजना मूर्तरूप नहीं ले पा रही है। पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में जनप्रतिनिधियों की उदासीनता भी जिम्मेदार है। सवाल है कि सरयू और गोमती नदी में प्रचुर मात्रा में पानी होने के बाद भी बागेश्वर की जनता प्यासी कब तक रहेगी और अभी पानी के लिए कितने चुनावों में नेताओं को वोट देने पड़ेंगे।
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पेयजल योजना का नाम पानी की उपलब्धता जरूरत (एमएलडी में)
मंडलसेरा 0.28 1.22
जखेड़ा-कठायतबाड़ा 1.16 1.50
सूरजकुंड आईवेल 1.25 1.58
थापला-मजियाखेत 0 .11 .33
अमसरकोट 0.5 .41
बिलौना 0.14 .48
बागेश्वर नगर को जरूरत से ढाई एमएलडी पानी कम मिल रहा है। इस कारण रोस्टर बनाकर पानी की आपूर्ति करनी पड़ती है। पेयजल किल्लत वाले इलाकों में टैंकरों से भी पानी दिया जाता है।
- सीएस देवड़ी ईई जल संस्थान बागेश्वर
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करीब 30 हजार आबादी वाले बागेश्वर शहर को प्रतिदिन 5.52 मिलियन लीटर (एमएलडी) पानी की जरूरत है। विभिन्न योजनाओं से शहर को मात्र 3.02 एमएलडी पानी मिल रहा है। मानक से प्रतिदिन 2.50 एमएलडी पानी की कमी है। जिला मुख्यालय के लोग पेयजल के लिए प्राकृतिक जलस्रोतों, हैंडपंपों पर निर्भर हैं। सरयू और गोमती के तट पर बसे बागेश्वर नगर में में हैंडपंपों के साथ ही सेनौला, माघ के धारे और अन्य जलस्रोतों पर सुबह से देर शाम तक पानी के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है।
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लगभग हर लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के वादा लोगों से किया जाता है। चुनाव में वादा करने वाले जनप्रतिनिधि आज तक बागेश्वर के लोगों के हलक तर नहीं कर सके। नगर के लिए करीब तीन एमएलडी की मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण हो रहा है। योजना का काम वर्ष 2021 में पूरा हो जाना चाहिए था। योजना का मुख्य टैंक नहीं बनने से योजना मूर्तरूप नहीं ले पा रही है। पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में जनप्रतिनिधियों की उदासीनता भी जिम्मेदार है। सवाल है कि सरयू और गोमती नदी में प्रचुर मात्रा में पानी होने के बाद भी बागेश्वर की जनता प्यासी कब तक रहेगी और अभी पानी के लिए कितने चुनावों में नेताओं को वोट देने पड़ेंगे।
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पेयजल योजना का नाम पानी की उपलब्धता जरूरत (एमएलडी में)
मंडलसेरा 0.28 1.22
जखेड़ा-कठायतबाड़ा 1.16 1.50
सूरजकुंड आईवेल 1.25 1.58
थापला-मजियाखेत 0 .11 .33
अमसरकोट 0.5 .41
बिलौना 0.14 .48
बागेश्वर नगर को जरूरत से ढाई एमएलडी पानी कम मिल रहा है। इस कारण रोस्टर बनाकर पानी की आपूर्ति करनी पड़ती है। पेयजल किल्लत वाले इलाकों में टैंकरों से भी पानी दिया जाता है।
- सीएस देवड़ी ईई जल संस्थान बागेश्वर