{"_id":"590883564f1c1bcf3a442ec6","slug":"captured-22-cuddle-monkeys-in-cage","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिंजरे में कैद हुए 22 कटखने बंदर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिंजरे में कैद हुए 22 कटखने बंदर
bageshwar
Updated Tue, 02 May 2017 10:32 PM IST
विज्ञापन
पिंजरे में कैद बंदर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रभागीय वनाधिकारी एमबी सिंह के निर्देशन में आगरा से आई बंदर पकड़ने वाली टीम ने मंगलवार को तहसील परिसर में पिंजरा लगाया। पिंजरे में 22 कटखने बंदर कैद हो गए। बंदरों के पकड़े जाने से तहसीलकर्मियों और यहां आने वालों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग के अनुुसार बंदर सुदरवर्ती जंगलों में छोड़े जाएंगे। तीन मई को बंदर पकड़ने के लिए हरसीला में पिंजरा लगेगा।
विज्ञापन
वन विभाग की अगुवाई में मंगलवार को बंदर पकड़ने के लिए तहसील परिसर में पिंजरा लगा। बंदर पकड़ने वाले ठेेकेदार इमामउद्दीन ने पिंजरे में फल और अनाज के दाने डाले। इसके लालच में बंदर पिंजरे में कैद हो गए। वन क्षेत्राधिकारी नारायण दत्त पांडे ने बताया कि पिछले दिनों नगर क्षेत्र से 150 से भी अधिक बंदर पकड़े गए। उन्होंने बताया कि तीन मई की सुबह हरसीला कस्बे में पिंजरा लगाया जाएगा। बंदर पकड़ने में वन दरोगा प्रयाग दत्त भट्ट ने अपना सहयोग दिया। वन विभाग ने पिछले सप्ताह नगर पंचायत कपकोट के विभिन्न हिस्सों में पिंजरा लगाकर 180 कटखने बंद पकड़े थे वहां अब फिर से बंदर दिखाई देने लगे हैं।
विज्ञापन
व्यापारियों और नागरिकों ने वन विभाग से बंदरों को पकड़ने के लिए फिर से पिंजरा लगाने की मांग की है। इधर वृक्ष प्रेमी किशन मलड़ा ने वन विभाग से बंदरों को जंगलों में नहीं छोड़ने को कहा है। बंदर पानी और भूख मिटाने के लिए फिर से आबादी क्षेत्रों में आ जाएंगे। उन्हें बंदरबाड़ा ले जाकर वहां उनका बधियाकरण करने का सुझाव दिया है।
विज्ञापन