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नहीं मिल रहा पेट्रोल-डीजल
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ बागेश्वर
Updated Fri, 15 May 2015 11:41 PM IST
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जिले में डीजल, पेट्रोल की भारी किल्लत शुक्रवार को भी बनी रही। पंपों पर लगे तेल समाप्त होने के बोर्ड लोगों को मुंह चिड़ा रहे हैं। ट्रांसपोर्टरों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वाहन स्वामियों की बैंक किश्त भी नहीं जा पा रही है। डीजल चालित लघु उद्योगों, निर्माण कार्यों पर इसका बुरा असर पड़ा है।
जिले के सात डीजल, पेट्रोल पंपों पर महीनेभर से डीजल, पेट्रोल की आपूर्ति घटी है। पंपों पर दूसरे, तीसरे दिन टैंकर आने के कारण ट्रांसपोर्टरों समेत लघु, कुटीर उद्योग संचालकों को कम तेल मिल रहा है। निर्माण कार्यों पर लगी जेसीबी मशीनों, डंपरों को पर्याप्त मात्रा में डीजल नहीं मिल पा रहा है।
धान कुटाई, गेहूं पिसाई, तेल पिराई के कारोबारी रोजाना केन, ड्रम लेकर पंप पर पहुंचते हैं। देर शाम तक टैंकर न आने पर उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। पिछले दिनों प्रशासन ने तेल वितरण के लिए पर्ची सिस्टम बनाया था। पूर्ति विभाग से मिलने वाली इस पर्ची के जरिए हर वाहन स्वामी को दो से 10 लीटर तक डीजल, पेट्रोल मिल रहा था।
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तेल न आने से अब पर्ची भी नहीं बन पा रही हैं। चालकों, मालिकों समेत कई अन्य संगठनों से जुड़े लोगों ने पेट्रो पदार्थों की शीघ्र पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
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जिले के सात डीजल, पेट्रोल पंपों पर महीनेभर से डीजल, पेट्रोल की आपूर्ति घटी है। पंपों पर दूसरे, तीसरे दिन टैंकर आने के कारण ट्रांसपोर्टरों समेत लघु, कुटीर उद्योग संचालकों को कम तेल मिल रहा है। निर्माण कार्यों पर लगी जेसीबी मशीनों, डंपरों को पर्याप्त मात्रा में डीजल नहीं मिल पा रहा है।
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धान कुटाई, गेहूं पिसाई, तेल पिराई के कारोबारी रोजाना केन, ड्रम लेकर पंप पर पहुंचते हैं। देर शाम तक टैंकर न आने पर उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। पिछले दिनों प्रशासन ने तेल वितरण के लिए पर्ची सिस्टम बनाया था। पूर्ति विभाग से मिलने वाली इस पर्ची के जरिए हर वाहन स्वामी को दो से 10 लीटर तक डीजल, पेट्रोल मिल रहा था।
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तेल न आने से अब पर्ची भी नहीं बन पा रही हैं। चालकों, मालिकों समेत कई अन्य संगठनों से जुड़े लोगों ने पेट्रो पदार्थों की शीघ्र पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।