फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Bronze Industry Needs to Be Developed

कब लौटेगा बागेश्वर के ताम्र शिल्पियों का पुराना वैभव

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 29 May 2022 12:21 AM IST
विज्ञापन
Bronze Industry Needs to Be Developed
बागेश्वर के खर्कटम्टा गांव में तांबे के उत्पाद तैयार करते शिल्पी सुंदर लाल। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। अतीत में बागेश्वर का ताम्र उद्योग पूरे कुमाऊं में विख्यात था। कभी खरही पट्टी के दर्जनों गांवों के 200 से अधिक परिवारों को रोजगार मिलता था। मशीनीकरण ने ताम्र उद्योग पर गहरी चोट की है। अब खर्कटम्टा गांव के केवल चार परिवारों ने ताम्रकला संजो कर रखी है। बागेश्वर का ताम्र उद्योग एक जिला एक उत्पाद में शामिल होने के बाद भी ताम्र शिल्पियों के दिन नहीं बहुरे हैं।
विज्ञापन

अतीत में बागेश्वर के ताम्र उद्योग की धमक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहाड़ के हर मेले में बागेश्वर के खरही पट्टी के ताम्र शिल्पियों की दुकानें सजी रहती थीं। लोग मेलों में बागेश्वर के तांबे के बर्तनों को खरीदने के लिए लालायित रहते थे। तब खरही पट्टी के खर्कटम्टा, बेहरगांव, बिरखानी, बिनसर, सकीड़ा, गैर, टम्ट्यूड़ा, कनौली समेत दर्जनों गांवों में करीब 200 के करीब परिवार ताम्रकला से जीविकोपार्जन करते थे। इन गांवों को तांबे के बर्तनों के लिए ही जाना जाता था।
विज्ञापन

अब केवल खर्कटम्टा गांव में चार परिवार ताम्रशिल्प से जुड़े हुए हैं। यह लोग तांबे के गागर और अन्य परंपरागत बर्तनों के साथ ही वॉटर फिल्टर और अन्य सजावटी वस्तुएं बनाकर ताम्रशिल्प को जीवित रखने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट-
खरही पट्टी की ताम्रकला को पटरी पर लाने के लिए सरकार को ठोस उपाय करने चाहिए। उद्योग केंद्र में प्रोसेसिंग मशीनेें लगाई गई हैं। ताम्रशिल्पी वहां जाकर तांबे की सामग्री नहीं बना सकते हैं। ताम्र शिल्पियों को आधुनिक मशीन उपलब्ध कराने के साथ ही बाजार उपलब्ध कराना चाहिए, तभी इस कला और इसके जानकारों को राहत मिलेगी।

सुंदर लाल ताम्रशिल्पी खर्कटम्टा बागेश्वर।
ताम्र शिल्पियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिला उद्योग केंद्र में तांबे के उत्पाद बनाने के लिए प्रोसेसिंग मशीनें लगाई गई हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ ताम्रशिल्पियों को दिया जा रहा है।
जीपी दुर्गापाल महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र बागेश्वर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed