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एक गोवंश में लंपी वायरस से मिलते लक्षण दिखने पर सैंपल जांच को भेजा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Sep 2022 11:54 PM IST
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Bageshwar May Have Lumy Like Disease
बागेश्वर के बोहाला में पशु की जांच करते डॉक्टर। संवाद - फोटो : BAGESHWAR
एक गोवंश में लंपी वायरस से मिलते जुलते लक्षण मिले
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शंकर पांडेय
बागेश्वर। बागेश्वर में एक गोवंश में लंपी बीमारी से मिलते-जुलते लक्षण मिलने के बाद पशुपालन विभाग ने सैंपल जांच को भेज दिया है। पशुओं को लंपी वायरस के प्रकोप से बचाने के लिए गोट पॉक्स (एलएसडी) टीकाकरण अभियान भी शुरू कर दिया गया है। पांच टीमें जिले के सीमावर्ती गांवों में पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं।
लंपी वायरस के प्रदेश में सक्रिय होने के बाद ही जिले में पशुपालन विभाग सक्रिय हो गया था। 18 सितंबर से पशुओं के टीकाकरण का कार्य शुरु करने के साथ ही पशुओं की बीमारियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। बागेश्वर और गरुड़ के सीमावर्ती इलाकों में दो-दो और कांडा में एक टीम टीकाकरण में जुटी है। पिछले चार दिनों में 697 पशुओं का टीकाकरण कराया जा चुका है। जिले में 1,07,000 गो और महिषवंशी पशु हैं। विभाग सीमावर्ती इलाकों के पशुओं का टीकाकरण पहले कर रहा है। टीका लगाने के साथ ही पशुपालकों को बीमारी के लक्षण, बचाव और सावधानी को लेकर भी जागरूक कर रहा है। संवाद
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कैसे करें लंपी की पहचान
बागेश्वर। लंपी संक्रमण होने पर पशुओं के मुंह से लार और नाक से पानी निकलने लगता है। पशु की त्वचा पर उभरे दाने या सूजन की गांठ हो जाती और वह तेज बुखार से ग्रसित हो जाता है। पशु को आहार लेने में परेशानी होती है और दूध उत्पादन भी कमी आ जाती है। लंपी तेजी से फैलने वाला वायरस है। प्रारंभिक लक्षण दिखते ही उपचार शुरु करने पर पशुओं को जल्द बीमारी से निजात दिलाई जा सकती है। संवाद
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बचाव
- किसी पशु में बीमारी के लक्षण दिखने पर उसे अन्य पशुओं से अलग कर देना चाहिए।
- बीमार पशु के चारा, पानी और दाने की व्यवस्था अलग बर्तन में करनी चाहिए।
-पशु आवास से मक्खी, मच्छरों को भगाने के लिए कपूर की गोलियां रखें या नीम के पत्तों का धुआं लगाना जाए।
-कीटाणु मुक्त करने के लिए सोडियम हाइपोक्लोराइड के घोल का छिड़काव किया जाए।
-बीमारी से मरने वाले पशु को गांव से बाहर डेढ़ मीटर गहरे गड्ढे में नमक या चूने के साथ दफनाएं और मृत पशु के संपर्क में आई वस्तुओं को फिनाइल या लाल दवा से कीटाणु रहित करना जरूरी है। संवाद

लंपी तेजी से फैलता है, हालांकि इसकी मृत्यु दर कम है। पशु में बीमारी के लक्षण दिखते ही नजदीकी पशु चिकित्सालय को सबसे पहले सूचना देनी चाहिए। चिकित्सक के परामर्श के अनुसार ही बीमार जानवर का ख्याल रखा जाए।
-डॉ. रवींद्र चंद्रा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बागेश्वर
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