बागेश्वर। बाल विकास विभाग ने तीन दिन में चार बाल विवाह रुकवा दिए हैं। शनिवार को गरुड़ विकासखंड के एक गांव में होने वाले बाल विवाह को रुकवाया गया। इससे पहले शुक्रवार को गरुड़ में एक और बृहस्पतिवार को कपकोट में दो बाल विवाह बाल विकास विभाग की वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) की टीम रुकवा चुकी है।
बाल विकास विभाग को गरुड़ के एक गांव में किशोरी का विवाह तय होने की सूचना मिली थी। यह विवाह आठ दिसंबर को होना था। ओएससी प्रबंधक षष्टी कांडपाल के नेतृत्व में शनिवार को गांव पहुंची टीम ने नाबालिग के परिजनों से मुलाकात की। बताया कि अभी किशोरी की उम्र 17 वर्ष कुछ माह है। उन्हें समझाया गया कि नाबालिग की शादी करना कानूनन अपराध है। ऐसा करने पर दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। किशोरी के परिवार के लोगों से कहा गया कि उसके बालिग होने तक उसका विवाह न करें। टीम के समझाने पर लड़की के परिवारजन मान गए। उनसे टीम ने लिखित करार किया। अन्य लोगों को भी बाल विवाह न करने के लिए जागरूक किया गया। टीम ने गरुड़ के एक गांव में घरेलू हिंसा के मामले में भी काउंसलिंग कराई। टीम में अधिवक्ता अंजू पांडेय, केस वर्कर जया पांडेय, महिला शक्ति केंद्र की जिला समन्वयक मनीषा जोशी शामिल थीं।