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खड़िया खनन से खोखले हो रहे पहाड़ के गांव

Thu, 09 Jun 2016 01:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर। Updated Thu, 09 Jun 2016 01:42 AM IST
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Are hollow mountain mining village of alabaster
बागेश्वर में खड़िया खनन - फोटो : अमर उजाला

बागेश्वर। यह जिला जोन फाइव में आता है। भूस्खलन के कारण जिले के 42 गांव रहने लायक नहीं रह गए हैं। कहीं प्राकृतिक तो कहीं मानव जनित कारणों से गांवों पर  खतरे हर साल बढ़ते जा रहे हैं। बावजूद इसके जनपद में खड़िया खदानों की तादात हर साल बढ़ती जा रही है। जिले में वर्ष 2010 में जहां मात्र 30 खड़िया की खानें थीं वहीं 2016 में यह संख्या बढ़कर 67 पहुंच चुकी है। हालात यह हैं कि हर साल लाखों टन खड़िया निकालने से पहाड़ के गांव धीरे-धीरे खोखले होते जा रहे हैं। 

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बागेश्वर जिले के रीमा से लेकर कांडा तक सोप स्टोन पाया जाता है। इसके कारोबार ने भले ही इससे जुड़े लोगों को को समृद्ध किया हो, लेकिन दशकों से हो रहे खुदान के कारण अब गांवों की बुनियाद खोखली होती जा रहे है। पहाड़ की संवेदनशीलता के बावजूद बागेश्वर में खड़िया खनन का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। रातों रात करोड़पति बनने के सपने रखने के कारण ग्रामीण खेती करने के बजाय अपनी जमीनें खनन कारोबारियों को सौंप रहे हैं।
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ऐसे में हर साल खानों की संख्या बढ़ती जा रही है। खड़िया का कारोबार कैसे बढ़ रहा है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में पिछले छह सालों में खड़िया खानों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। गंभीर बात यह है कि आबादी से दूर नाप खेतों में होने वाला खनन धीरे-धीरे घरों तक पहुंच रहा है। इससे कई स्थानों पर गांवों को खतरा पैदा हो रहा है। खड़िया निकालने के बाद बने विशाल गड्ढों में दुर्घटनाएं होती रहती हैं। हाल के वर्षों में मशीनों का प्रयोग बढ़ने से खतरे भी बढ़ रहे हैं। 
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 खान अधिकारी राजपाल लेघा ने बताया कि इस समय जनपद में 67 खड़िया की खानें हैं। इन खानों से निकलने वाली खड़िया की वार्षिक औसत लगभग तीन लाख टन है। उन्होंने बताया कि खड़िया खनन का सालाना टर्नओवर 150 करोड़ का है। इससे सरकार को लगभग 20 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल होगा।


खड़िया खनन के पूरे कारोबार में लगभग 20 हजार लोग प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। खड़िया खदानों में वैध के अलावा अवैध कारोबार भी बड़ी मात्रा में होता है। इसका अंदाजा हर साल खनन कारोबारियों पर लगने वाले जुर्माने से पता चलता है। अवैध खनन पर इस साल अकेले खान अधिकारी 25 लाख रुपये का जुर्माना वसूल चुके हैं। राजस्व टीम भी समय-समय पर जुर्माना लगाती रहती है। 

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