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कपकोट में भारी बारिश से सरयू उफान पर आई

Sat, 14 Jul 2018 12:14 AM IST
Updated Sat, 14 Jul 2018 12:14 AM IST
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कपकोट में भारी बारिश से सरयू उफान पर आई
बागेश्वर/कपकोट। रविवार से रोज हो रही बारिश से ग्राम पंचायत कपकोट को खासा नुुकसान पहुंचा है। कालीगौन गधेरे में बनी पैदल पुलिया, नहर और रास्ते ध्वस्त हो गए हैं। डीएम के निर्देश के बावजूद लोनिवि ने दूणी-सुकंडा सड़क चार दिन बाद भी नहीं खोली है। सड़क बंद होने से दूणी में पांच जीपेें फंसी हुई हैं।
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इससे ग्रामीणों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। गांव में जरूरी सामान भी नहीं पहुंच पा रहा है। बारिश के बाद गाड़-गधेरों के साथ ही सरयू उफान पर आ गई। इधर, बागेश्वर में भी जलस्तर 867.40 मी तक पहुंच गया। जल संस्थान आपदा के छह दिन बाद भी पानी की लाइन सुचारु नहीं कर सका है। आपदा के जख्म नहीं भरे जाने से ग्रामीणों का गुस्सा अब बढ़ते जा रहा है। सरयू के उफान पर आने के बाद प्रशासन ने अलर्ट घोषित कर दिया।
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भीषण बारिश से तहसील मुख्यालय की ग्राम पंचायत कपकोट के कालीगौन गधेरे में बना पैदल पुल ध्वस्त हो गया है। यहां पनेला भी ध्वस्त हो गया है। बेलंग गधेरे में आई भीषण बाढ़ से नहर ध्वस्त हो गई है। नंदा मंदिर को जाने वाले रास्ते का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया है। वहां प्राचीन नौला भी खतरे की जद में आ गया है। राइंका को जाने वाला रास्ता भुरकुटी की ओर से पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।
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भूस्खलन से राकसी और धरखोला के कई घर खतरे की जद में आ गए गए हैं। गडियार और मड़गाड़ी गधेरों के रुख बदलने से कई लोगों के उपजाऊ खेत मलबे से पट गए हैं। गधेरों के तेज बहाव से मुख्य गांव को जोड़ने वाला रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। आंणू के रमेश जोशी के घर में बारिश का पानी घुस गया। ग्राम प्रधान पूरन कपकोटी, बीडीसी सदस्य तारा कपकोटी और पूर्व उप प्रधान महिमन कपकोटी ने शासन-प्रशासन से क्षति की शीघ्र भरपाई की मांग की है। उधर पिंडारी पैदल रास्ते के पनौरा गधेरे में बनी सीमेंट कंक्रीट की पैदल पुल भी बाढ़ की भेंट चढ़ गई है।

कपकोट की सरयू में सुबह छह बजे जलस्तर 1032 मी पहुंच गया। यह चेतावनी के निशान से महज एक मी नीचे था। बागेश्वर में सरयू खतरे के निशान से लगभग तीन मीटर नीचे थी। बैजनाथ झील के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोत्तरी हुई। घाटों पर जल पुलिस दस्ता तैनात कर दिया गया है।

खतरे से बेखबर, लेते रहे सेल्फी
बागेश्वर। मूसलधार बारिश के बाद नदी उफान पर थी और पुलिस प्रशासन तटों से दूर रहने की मुनादी करा रहा था। वहीं, खतरे से बेखबर बने कुछ युवा दिनभर नदी तटों पर सेल्फी लेते नजर आए। लेकिन मौके पर युवाओं को रोकने टोकने वाला कोई नहीं था।

मलबा गिरने से गाय की मौत
कपकोट। बृहस्पतिवार देर शाम कपकोट में भारी बारिश के बाद भूस्खलन से गाय की मौत हो गई। गासी गांव में पानुली देवी पत्नी उदय सिंह की गाय पर मलबा आ गिरा। मलबा में दबकर मवेशी की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पटवारी ने घटनास्थल का दौरा किया। दूसरी ओर पशुपालन विभाग की टीम उफनाए दणौ गधेरे में बहने से घायल बैलों के इलाज के लिए पहुंची। इस घटना में एक बैल की मौत हो गई थी। जबकि दो को बचा लिया गया था। प्रभावित पशुपालकों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।

विशेषज्ञों की टीम पहुंची
कपकोट। बागेश्वर-पिथौरागढ़ की सीमा पर पूर्वी रामगंगा की बाढ़ में बहे नाचनी पुल को हटाने के लिए विशेषज्ञों की टीम भकुना क्षेत्र में पहुंच गई है। टीम ने ध्वस्त पुल को हटाने का काम शुरू कर दिया है। बता दें कि अंग्रेजों के समय का यह झूलापुल बाढ़ में ध्वस्त हो गया था।

बागेश्वर की ओर पुल कुछ मकानों के ऊपर गिर गया। इससे आवासीय भवनों को खतरा बना हुआ है। पुल हटाने के दुष्कर काम को देखते हुए विशेषज्ञों की सेवा लेनी पड़ी। एसडीआरएफ की टीम मौकेे पर बनी है। शुक्रवार को विशेषज्ञों की टीम क्षेत्र में पहुंची। मौका मुआयना के बाद पुल काटने का काम शुरू कर दिया गया।

जिले में पिछले 24 घंटों में हुई बारिश
बागेश्वर - 17.50 एमएम
कपकोट - 132.50 एमएम
गरुड़ - 20 एमएम

जिले में 19 मोटर मार्ग बंद
बागेश्वर। बारिश और भूस्खलन के चलते जिले में 19 मोटर मार्ग बंद हैं। इनमें एक राज्यमार्ग, मुख्य जिला मार्ग, अन्य जिला मार्ग, हल्का मोटर मार्ग समेत 15 ग्रामीण मोटर मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों पर जगह-जगह मलबा पसरा हुआ है। कार्यदायी संस्थाएं मार्ग खोलने के काम में जुटी हैं लेकिन इससे ज्यादा तेजी से मार्ग बंद होते चले जा रहे हैं। बृहस्पतिवार तक 22 मार्ग बंद थे। पिछले 24 घंटों केे अंदर कार्यदायी संस्थाएं तीन मार्ग ही खोल पाई। मार्ग बंद होने से ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई है। कपकोट विकास खंड के आंतरिक मार्गों पर सड़क संपर्क बुरी तरह भंग हो चुका है। (फोटो)

जिले के बंद मोटर मार्ग
कपकोट-पिंडारी ग्लेशियर मोटर मार्ग, भयूं-गुलेर, खड़लेख-भनार, दूणी-सुकुंडा, बागेश्वर-कपकोट-शामा-तेजम, सौंग-खलीधार, भानी-हरसिंग्याबगड़, भयूं-गडेरा, धरमघर-मझखेत, शामा-नौकोड़ी, शामा-लीती-गोगिना, कपकोट-कर्मी, कपकोट-लीली, मुनार बैंड-सूपी, कपकोट-पोलिंग, बिनातोली-कुंझाली-माजकोट।

तबाह हुई फसल, घरों में घुसा मलबा
बागेश्वर। ग्राम पंचायत गैरखेत में भारी बारिश से जरगाड़ तोक खुशाल सिंह, तेज सिंह, रमेश सिंह, प्रताप सिंह, बलवंत सिंह आदि ग्रामीणों के खेतों में मलबा भरने से फसल बर्बाद हो गई। खेतों के भीड़े-पुस्ते भी तबाह हो गए। वहीं, संजय सिंह की दुकान में मलबा और पानी घुस गया।

इससे दुकान में रखा सामान खराब हो गया। इधर, दीवान सिंह के छत में भी मलबा घुस गया। तेज सिंह, बहादुर सिंह के घर के नीचे भूस्खलन से आवासीय भवन को खतरा पैैदा हो गया। मोटर मार्ग के पुलों के आधार स्तंभ को भी गधेरे के तेज बहाव की वजह से खतरा बना है।

जगह-जगह मार्ग में फंसे कई वाहन
बागेश्वर/कपकोट। बागेश्वर-दफौट मोटर मार्ग में कई स्थानों पर भारी मलबा आ गया। इससे मार्ग पर वाहनों की कतार लग गई। दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए। बाद में लोनिवि ने जेसीबी से मलबा हटाकर यातायात सुचारु किया।

कपकोट-पोलिंग सड़क पनौरा के पास क्षतिग्रस्त हो गई। इससे मार्ग पर कई वाहन फंस गए। मलबे से वाहनों को नुकसान भी हुआ। पोथिंग-चीरबगड़ सड़क जगह-जगह मलबे से पट गई है। अब तक कार्यदायी संस्था ने सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू नहीं किया है। लगातार हो रहे बारिश से ग्राम पंचायत गैरखेत के आवाजाही बाधित हुई है। कपकोट पोलिंग गैरखेत हरसीला मोटर मार्ग में जगह-जगह मलबा आने से ग्रामीणों का एकमात्र रास्ता बंद पड़ा है। ग्राम प्रधान दरबान सिंह कपकोटी ने एसडीएम कपकोट, पटवारी, लोनिवि से जल्द सड़क खुलवाने की गुहार लगाई है।

बारिश-आंधी से जगह-जगह टूटे बिजली के तार
बागेश्वर। बृहस्पतिवार शाम सवा छह बजे बिलौना के पास बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने से तार टूट गए। इसके साथ ही कलक्ट्रेट, विकास भवन, पुलिस लाइन, सीएमओ कार्यालय और स्टाफ क्वार्टर, बिलौना क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। पूरा क्षेत्र नौ बजे तक अंधेरे में डूबा रहा।


इधर, रात पौने 11 बजे फॉल्ट आने से चंडिका, पूल्ड कॉलोनी, एआरटीओ, आरे, मंडलसेरा, जीतनगर, भिटलगांव आदि क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई। सुबह साढ़े सात बजे आपूर्ति बहाल हुई। दूसरी ओर शुक्रवार सुबह दुगनाकुरी, कांडा, थपेली में बिजली के तार टूटने से आपूर्ति ठप हो गई।
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